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पुणे में एयरफोर्स विमान की हार्ड लैंडिंग से रनवे 8 घंटे बंद, 90+ फ्लाइट्स रद्द; सुबह बहाल हुआ ऑपरेशन

पुणे एयरपोर्ट का रनवे शुक्रवार रात 10:30 बजे एक इंडियन एयर फोर्स (IAF) के लड़ाकू विमान की हार्ड लैंडिंग के बाद अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। इस घटना के कारण एयरपोर्ट पर फ्लाइट ऑपरेशन 8 घंटे तक प्रभावित रहा। भारतीय वायुसेना ने खुद इसकी जानकारी दी। विमान का क्रू सुरक्षित है। एयरपोर्ट पर फ्लाइट ऑपरेशन सुबह 7.30 बजे के बाद नॉर्मल हो सका। एयरपोर्ट डायरेक्टर के मुताबिक 5 एयरलाइंस की 91 फ्लाइट्स कैंसिल करनी पड़ी थीं। कैंसिल होने वाली फ्लाट्स में इंडिगो की 65, एअर इंडिया की 6, स्पाइसजेट की 5, अकासा एयर की 5, एअर इंडिया एक्सप्रेस की 10 फ्लाइट्स शामिल थीं। एयरपोर्ट डायरेक्टर के मुताबिक, रनवे के मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है। दिन भर में ऑपरेशन सामान्य हो जाएगा।

पुणे एयरपोर्ट की 2 तस्वीरें…

पुणे एयरपोर्ट पर शुक्रवार रात फ्लाइट कैंसिल होने से सैंकड़ों यात्री फंसे गए।
पुणे एयरपोर्ट पर शुक्रवार रात फ्लाइट कैंसिल होने से सैंकड़ों यात्री फंसे गए।
शनिवार को फ्लाइट ऑपरेशन शुरू तो कर दिया गया है, लेकिन ऑपरेशन पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ।
शनिवार को फ्लाइट ऑपरेशन शुरू तो कर दिया गया है, लेकिन ऑपरेशन पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ।

वायुसेना के विमान का लैंडिंग गियर खराब हुआ था

न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक पुणे इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अधिकारियों के बताया कि शुक्रवार रात लगभग 22:25 बजे लड़ाकू विमान लैंडिंग करने वाला था। इस दौरान उसका ‘अंडरकैरेज’ (लैंडिंग गियर) खराब हो गया था, जिसके कारण वह रनवे पर टकरा गया। हालांकि यह कौन सा फाइटर जेट था, इसके बारे में अथॉरिटीज ने कोई जानकारी नहीं दी है। न ही इसके विजुअल मिल सकते हैं।

क्या होती है हार्ड लैंडिंग, इसके जोखिम जानिए

आम तौर पर रनवे पर लैंड करते समय प्लेन धीरे-धीरे और स्मूदली उतरता है। लेकिन अगर वह जोर से रनवे पर टकरा जाए या तेजी से नीचे आए तो उसे हार्ड लैंडिंग कहते हैं। हार्ड लैंडिंग की कई वजह हो सकती हैं, इनमें खराब मौसम (तेज हवा, तूफान), पायलट के कैल्कुलेशन में गड़बड़ी या फिर अचानक हवा का दबाव बदलना शामिल है। हार्ड लैंडिंग के दौरान कभी-कभी सिर्फ झटका ही लगता है, लेकिन इन्टेन्सिटी ज्यादा होने से विमान को नुकसान हो सकता है। उसमें बैठे पैसेंजर और क्रू को चोटें लग सकती हैं।

1. हार्ड लैंडिंग से क्या होता? – हार्ड लैंडिंग में विमान का वजन और झटका रनवे पर ज्यादा दबाव डालता है, जिससे रनवे की ऊपरी परत में दरारें आ सकती हैं। – कुछ मामलों में छोटे गड्ढे बन जाते हैं।

2. रबर के निशान ज्यादा बनना – टायर अचानक रनवे से घिसते हैं। इससे गहरे रबर मार्क्स बन जाते हैं। – इससे रनवे की पकड़ कम हो सकती है। – रनवे की अंदरूनी संरचना पर असर पड़ता है। उसकी लाइफ कम हो जाती है। ऐसे में यह दूसरे विमानों के लिए जोखिम भरा हो सकता है।

3. तुरंत असर हमेशा नहीं दिखता एयरपोर्ट रनवे बहुत मजबूत बनाए जाते हैं, लेकिन लगातार ऐसी लैंडिंग से धीरे-धीरे नुकसान बढ़ता जाता है।

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