देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। उत्तराखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ से जनजीवन प्रभावित हुआ है। कहीं नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं तो कहीं तेज बहाव के कारण सड़क और पुलों को नुकसान पहुंचा है। कई इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
उत्तराखंड में 170 फीट लंबा बैली ब्रिज बहा
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में भारी बारिश के बीच कुलागाड़ नाले का जलस्तर बढ़ने से 170 फीट लंबा बैली ब्रिज तेज बहाव में बह गया। इससे चीन सीमा से सटी व्यास, दारमा और चौदांस घाटियों का संपर्क प्रभावित हुआ है।
यह पुल 27 अगस्त को तैयार किया गया था। इससे पहले 18 अगस्त को चट्टान गिरने के कारण पुराना पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। लगातार बारिश और तेज जलप्रवाह के कारण क्षेत्र में आवागमन को लेकर मुश्किलें बढ़ गई हैं।
उत्तराखंड के देहरादून, टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और उत्तरकाशी में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, चीरबासा क्षेत्र में बादल फटने के बाद बंद हुआ केदारनाथ पैदल मार्ग यात्रियों के लिए फिर खोल दिया गया है। फिलहाल इस मार्ग पर घोड़े-खच्चरों की आवाजाही पर रोक रखी गई है।
छत्तीसगढ़ में नदी में बहे तीन कॉलेज छात्र
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में हसदेव नदी के तेज बहाव में तीन कॉलेज छात्र बह गए। बताया गया कि बिलासपुर के एक कॉलेज के छात्र-छात्राओं का समूह पिकनिक के लिए देवरी गांव पहुंचा था।
नदी किनारे सेल्फी लेने के दौरान एक छात्र का पैर फिसल गया। उसे बचाने के प्रयास में दो अन्य छात्र भी नदी में उतर गए और तेज बहाव की चपेट में आ गए। तीनों की तलाश के लिए अभियान जारी है।
बिहार में बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित
बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। कई जिलों के हजारों गांव बाढ़ की चपेट में हैं और लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बताया जा रहा है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। लोगों तक नावों के जरिए जरूरी सामान और राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। बड़ी संख्या में प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में ठहराया गया है।
यूपी के कई जिलों में बाढ़ का असर
उत्तर प्रदेश में भी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर से कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। गंगा और यमुना समेत कई नदियां उफान पर हैं। नदी किनारे बसे गांवों में पानी पहुंचने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कुछ इलाकों में सड़क और संपर्क मार्ग जलमग्न होने से आवागमन प्रभावित हुआ है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और राहत कार्य तेज किए गए हैं।
मध्य प्रदेश में 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मध्य प्रदेश में मानसून के दोबारा सक्रिय होने के बाद कई जिलों में तेज बारिश हुई। भोपाल, दमोह, टीकमगढ़ और विदिशा समेत कई क्षेत्रों में बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया।
भोपाल में तेज बारिश के दौरान दृश्यता काफी कम हो गई, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के 15 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। अगले कुछ दिनों तक मानसूनी सिस्टम सक्रिय रहने का अनुमान है।
राजस्थान के 29 जिलों में बारिश की संभावना
राजस्थान में भी मानसून ने फिर जोर पकड़ा है। शनिवार को प्रदेश के 29 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। शुक्रवार को अलवर, जयपुर, सवाई माधोपुर और दौसा समेत कई इलाकों में बारिश हुई।
बारिश के चलते कई स्थानों पर सड़कों पर पानी भर गया। हालांकि प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में बारिश के बावजूद गर्मी का असर बना हुआ है और कुछ इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा।
दिल्ली और हरियाणा में भी बारिश का दौर
दिल्ली में शुक्रवार को कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। आने वाले घंटों में कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। राजधानी में अगले दो दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
हरियाणा के भी कई जिलों में बारिश के आसार हैं। पश्चिमी हिस्सों में अभी गर्मी का प्रभाव बना हुआ है, जबकि कुछ जिलों में मौसम बदलने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
झारखंड में भी बढ़ी परेशानी
झारखंड के कुछ इलाकों में बारिश और नदी के बढ़े जलस्तर के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। चतरा में स्कूली बच्चों को नदी पार करके स्कूल जाने की स्थिति सामने आई है, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।
मानसून के सक्रिय होने के साथ पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में प्रशासन को बाढ़ प्रभावित इलाकों पर विशेष निगरानी रखने की जरूरत बढ़ गई है।
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