धाता, फतेहपुर। धाता विकासखंड के परसिद्धपुर गांव में आयोजित प्रतियोगितात्मक झांकियों का समापन हो गया। रामायण-महाभारत के प्रसंगों, भारत माता और आजादी की घटनाओं पर आधारित झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। इन्हें देखने के लिए आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों की संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे पहुंचे। रात नौ बजे से शुरू हुआ प्रदर्शन देर रात करीब एक बजे तक चलता रहा।
परसिद्धपुर झांकी कमेटी और पूर्व चौकी कमेटी की ओर से राधा-कृष्ण, राम-सीता, गौरा-पार्वती, कठपुतली नृत्य, मिसाइल, शहीद भगत सिंह को फांसी, हनुमान जी द्वारा राम-लक्ष्मण को कंधे पर लेकर उड़ने और भगवान शंकर के तांडव सहित एक दर्जन से अधिक झांकियां प्रस्तुत की गईं। डीजे की धुन पर लोगों ने भांगड़ा नृत्य कर उत्साह बढ़ाया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गांव के स्वयंसेवक मुस्तैद रहे।
परसिद्धपुर में झांकियां निकालने की परंपरा करीब 64 वर्ष पुरानी है। इसकी शुरुआत वर्ष 1962 में हंसी-मजाक के रूप में हुई थी, जबकि 1964 से इसे धार्मिक और सांस्कृतिक स्वरूप दिया गया।
कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए धाता थाना प्रभारी अभिलाष तिवारी के निर्देशन में किशुनपुर चौकी के उपनिरीक्षक अनुभव पटेल सहित पुलिस बल तैनात रहा।
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