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भारत में स्पैम कॉल्स से बढ़ी परेशानी: स्पैम कॉल्स में भारत की टॉप 5 में एंट्री, रिपोर्ट ने चौंकाया

भारत में अगर आपके फोन पर बार-बार अनजान नंबर से कॉल आती है, तो यह अब कोई नई बात नहीं रह गई है। कई लोगों के लिए यह रोजमर्रा की परेशानी बन चुकी है, जहां हर कॉल उठाने से पहले यह सोचना पड़ता है कि सामने वाला सच में कोई जरूरी व्यक्ति है या फिर एक और स्पैम कॉल। हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि लोग अब अनजान नंबर उठाने से भी बचने लगे हैं। इसी बीच Truecaller की नई रिपोर्ट ने इस समस्या की गंभीरता को और साफ कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत दुनिया का पांचवां सबसे ज्यादा स्पैम कॉल झेलने वाला देश बन चुका है। इंडोनेशिया, चिली, वियतनाम और ब्राजील जैसे देश इस लिस्ट में भारत से ऊपर हैं, लेकिन भारत में स्पैम का पैटर्न और असर अलग तरीके से सामने आ रहा है।

भारत में स्पैम कॉल्स अब कितना बड़ा मुद्दा बन चुका है

Truecaller के डेटा के अनुसार, सिर्फ 2025 में भारत में अरबों की संख्या में स्पैम कॉल्स रिकॉर्ड की गईं। दिलचस्प बात यह है कि इन कॉल्स का असर सिर्फ संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के समय और व्यवहार पर भी साफ दिख रहा है। रिपोर्ट से जुड़े इनसाइट्स बताते हैं कि भारत में रोजाना लाखों घंटे सिर्फ स्पैम कॉल्स से बचने या उन्हें हैंडल करने में खर्च हो जाते हैं। इसके अलावा, भारत का स्पैम इंटेंसिटी स्कोर 66% दर्ज किया गया है। यानी हर तीन में से दो अनजान कॉल्स के स्पैम होने की संभावना है। यह आंकड़ा यह समझाने के लिए काफी है कि क्यों अब लोग अनजान कॉल्स से दूरी बनाने लगे हैं।

सिर्फ टेलीमार्केटिंग नहीं, अब स्कैम कॉल्स का भी दबदबा

पहले स्पैम कॉल्स का मतलब ज्यादातर टेलीमार्केटिंग या प्रमोशनल कॉल्स होता था, लेकिन अब यह पैटर्न तेजी से बदल रहा है।

  • 36% कॉल्स सेल्स और टेलीमार्केटिंग से जुड़ी हैं
  • 18% कॉल्स फाइनेंशियल सर्विसेज (लोन, क्रेडिट कार्ड) से संबंधित हैं
  • 12% कॉल्स सीधे स्कैम या फ्रॉड कैटेगरी में आती हैं

रिपोर्ट से यह भी सामने आया है कि भारत में सैकड़ों करोड़ फ्रॉड कॉल्स की पहचान की गई है। इसका मतलब यह है कि अब खतरा सिर्फ परेशान करने वाली कॉल्स का नहीं, बल्कि सीधे ठगी से जुड़ा हुआ है। OTP, बैंक डिटेल्स या KYC के नाम पर आने वाली कॉल्स इस नए ट्रेंड का हिस्सा हैं।

हर दिन 2–3 स्पैम कॉल, अब बन गया है नॉर्मल

रिपोर्ट के साथ जुड़े अन्य डेटा यह दिखाते हैं कि भारत में कई यूजर्स को औसतन हर दिन 2 से 3 स्पैम कॉल्स मिलती हैं। यही वजह है कि अब फोन की घंटी बजना भी कई बार लोगों के लिए परेशानी का संकेत बन जाता है। यह स्थिति धीरे-धीरे एक ऐसे पॉइंट पर पहुंच रही है जहां कम्युनिकेशन का बेसिक भरोसा ही कमजोर हो रहा है। यानी अनजान कॉल = स्पैम, यह सोच अब आम होती जा रही है।

दुनिया के बाकी देशों में कैसा है हाल

ग्लोबल स्तर पर भी स्पैम कॉल्स का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन हर देश में इसका पैटर्न अलग है।

  • इंडोनेशिया और मैक्सिको में बैंक और लेंडर्स से आने वाली कॉल्स ज्यादा हैं
  • चिली में 38% कॉल्स सिर्फ डेब्ट कलेक्शन से जुड़ी हैं
  • ब्राजील और नाइजीरिया में टेलीकॉम से जुड़े स्पैम ज्यादा देखने को मिलते हैं

भारत की खास बात यह है कि यहां कमर्शियल कॉल्स और स्कैम कॉल्स का मिक्स ज्यादा है, जो इसे अलग बनाता है।

कॉल ही नहीं, SMS स्पैम भी तेजी से बढ़ रहा

यह समस्या सिर्फ कॉल तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हजारों करोड़ स्पैम SMS भी रिकॉर्ड किए गए हैं। इसका मतलब है कि यूजर्स को हर तरफ से अनचाही जानकारी और फ्रॉड के प्रयासों का सामना करना पड़ रहा है।

क्यों बढ़ रही है यह समस्या

स्पैम कॉल्स के बढ़ने के पीछे कई वजहें हैं – ऑटोमेटेड कॉलिंग सिस्टम, डेटा लीक और डिजिटल सर्विसेज का तेजी से फैलना। अब बड़ी संख्या में कॉल्स मशीन के जरिए की जा रही हैं, जिससे कम समय में ज्यादा लोगों तक पहुंचा जा सकता है। स्पैम कॉल्स का यह बढ़ता ट्रेंड एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। आने वाले समय में AI और ऑटोमेशन के बढ़ते इस्तेमाल से यह समस्या और जटिल हो सकती है।

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