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“रूस की सेना में भारतीयों की तैनाती पर बवाल: विदेश मंत्रालय ने जताई कड़ी आपत्ति, तुरंत वापसी की मांग”

नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय (MEA) ने भारतीय नागरिकों को सख्त चेतावनी दी है कि वे रूसी सेना में भर्ती होने के किसी भी प्रस्ताव से दूर रहें, क्योंकि यह उनकी जान के लिए गंभीर खतरा बन सकता है. मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा कि रूस में इस समय लगभग 44 भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं, जो किसी न किसी रूप में रूसी सेना से जुड़े हैं. भारत सरकार उनके सुरक्षित वापसी के लिए लगातार प्रयास कर रही है.
प्रवक्ता ने कहा कि “हमने यह मामला रूस सरकार के साथ नई दिल्ली और मॉस्को, दोनों स्तरों पर उठाया है. हमारी मांग है कि सभी भारतीयों को जल्द से जल्द रिहा किया जाए और इस तरह की भर्ती प्रक्रिया को तुरंत रोका जाए.” उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीयों को ऐसे किसी भी ऑफर के झांसे में नहीं आना चाहिए, क्योंकि रूस में चल रहे युद्ध के हालात बेहद खतरनाक हैं और इसमें शामिल होना जानलेवा साबित हो सकता है.
मंत्रालय के मुताबिक अब तक मिली जानकारी के अनुसार 44 भारतीय नागरिक रूसी सेना से जुड़े हुए हैं. इनमें से कुछ को युद्ध क्षेत्र में तैनात किया गया है, जबकि कुछ प्रशिक्षण प्रक्रिया में हैं. प्रवक्ता ने कहा, “हम इन सभी नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं और उनके परिवारों से भी संपर्क बनाए हुए हैं.” भारत सरकार ने रूस से अपील की है कि इन भारतीयों को तुरंत घर भेजा जाए.
रंधीर जायसवाल ने बताया कि जैसे ही भारतीय नागरिकों की भर्ती की खबर सामने आई, विदेश मंत्रालय ने इसे गंभीरता से लिया और रूस सरकार के साथ राजनयिक स्तर पर बातचीत शुरू की. उन्होंने कहा, “हमने यह स्पष्ट किया है कि भारतीय नागरिकों को किसी भी विदेशी सेना में शामिल नहीं किया जाना चाहिए, खासकर तब जब यह किसी संघर्ष क्षेत्र से जुड़ा मामला हो.” इस मुद्दे को नई दिल्ली और मॉस्को दोनों जगहों पर उच्चतम स्तर पर उठाया गया है.

‘रूसी सेना में भर्ती’ से सावधान रहने की अपील

विदेश मंत्रालय ने भारतीय युवाओं को आगाह करते हुए कहा है कि रूस में चल रहे युद्ध के बीच किसी भी “जॉब ऑफर” या “रिक्रूटमेंट” को स्वीकार न करें. कई निजी एजेंसियां या बिचौलिए गलत जानकारी देकर लोगों को ऐसे प्रस्ताव दे रहे हैं, जो अंततः उन्हें सीधे युद्ध क्षेत्र में ले जाते हैं. मंत्रालय ने साफ किया है कि ऐसी किसी भी प्रक्रिया में भाग लेना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि जीवन के लिए गंभीर जोखिम भी पैदा करता है.

भारत सरकार कर रही है हरसंभव प्रयास

मंत्रालय ने कहा कि सभी 44 भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए राजनयिक चैनलों के माध्यम से सक्रिय संवाद जारी है. भारत ने यह भी सुनिश्चित किया है कि भविष्य में कोई भी भारतीय इस तरह की स्थिति में न फंसे. विदेश मंत्रालय ने सभी भारतीयों से अपील की है कि वे किसी भी विदेशी सेना, खासकर रूस या यूक्रेन से जुड़ी भर्ती योजनाओं से दूर रहें.

‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भी दिया अपडेट

रंधीर जायसवाल ने बताया कि “ऑपरेशन सिंदूर” से जुड़ी सभी गतिविधियों की जानकारी मंत्रालय पहले ही साझा कर चुका है. उन्होंने कहा कि मीडिया में आई टिप्पणियों पर ध्यान देने के बजाय मंत्रालय के आधिकारिक बयानों को ही आधार माना जाए. उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री की आगामी यात्राओं और द्विपक्षीय वार्ताओं की जानकारी उचित समय पर साझा की जाएगी.

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