चेन्नई। भारतीय सिनेमा के दिग्गज फिल्म निर्देशक सिंगीतम श्रीनिवास राव का शनिवार को 95 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने चेन्नई के कावेरी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है।
सिंगीतम श्रीनिवास राव ने तेलुगु, तमिल, कन्नड़, हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में करीब 60 फिल्मों का निर्देशन किया। अपने लंबे करियर में उन्होंने अलग-अलग विषयों और प्रयोगात्मक कहानियों के जरिए सिनेमा में खास पहचान बनाई। उन्हें दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समेत कई प्रतिष्ठित सम्मान मिले थे।
94 साल की उम्र में भी निर्देशन से जुड़े रहे
सिंगीतम श्रीनिवास राव ने उम्र को कभी अपनी रचनात्मकता के आड़े नहीं आने दिया। उन्होंने करीब एक दशक बाद वर्ष 2026 में निर्देशन की दुनिया में वापसी की। उनकी आखिरी फिल्म ‘सिंग गीथम’ 12 जून 2026 को रिलीज हुई थी। इस फिल्म में अयान खान और अहिल्या बमरू ने मुख्य भूमिकाएं निभाईं।
सहायक निर्देशक के तौर पर शुरू किया था सफर
फिल्मी दुनिया में सिंगीतम श्रीनिवास राव ने दिग्गज निर्देशक के.वी. रेड्डी के सहायक के रूप में कदम रखा था। उन्होंने ‘मायाबाजार’ और ‘जगदेक वीरुनी कथा’ जैसी चर्चित फिल्मों में काम किया। वर्ष 1972 में तेलुगु फिल्म ‘नीति-निजायती’ से उन्होंने बतौर निर्देशक अपनी शुरुआत की।
इसके बाद उन्होंने लगातार अलग-अलग भाषाओं में फिल्में बनाईं। ‘दिक्कत्र पार्वती’, ‘मयूरी’, ‘पुष्पक विमान’, ‘आदित्य 369’, ‘भैरव द्वीपम’, ‘मगलिर मत्तुम’ और ‘माइकल मदना काम राजन’ उनकी प्रमुख फिल्मों में शामिल हैं।
कमल हासन के साथ रही खास जोड़ी
सिंगीतम श्रीनिवास राव और कमल हासन की जोड़ी ने भारतीय सिनेमा को कई यादगार फिल्में दीं। दोनों ने ‘पुष्पक विमान’, ‘अपूर्व सगोदरगल’ और ‘माइकल मदना काम राजन’ जैसी फिल्मों में साथ काम किया।
खास तौर पर ‘पुष्पक विमान’ को भारतीय सिनेमा की प्रयोगात्मक फिल्मों में महत्वपूर्ण स्थान मिला। वर्ष 1987 में रिलीज हुई इस फिल्म में कमल हासन ने एक बेरोजगार ग्रेजुएट की भूमिका निभाई थी। फिल्म में संवाद नहीं थे, इसके बावजूद इसे दर्शकों और समीक्षकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली।
‘आदित्य 369’ से साइंस फिक्शन को नई पहचान
सिंगीतम श्रीनिवास राव की फिल्मों की सबसे बड़ी खासियत उनका प्रयोगधर्मी दृष्टिकोण था। ‘आदित्य 369’ को तेलुगु सिनेमा की चर्चित साइंस फिक्शन फिल्मों में गिना जाता है। वहीं ‘भैरव द्वीपम’ ने फैंटेसी शैली में अपनी अलग पहचान बनाई।
उनकी फिल्मों में तकनीक, कल्पना और मनोरंजन का अनोखा मेल देखने को मिलता था। इसी वजह से उन्हें अपने दौर से आगे सोचने वाला फिल्ममेकर भी माना जाता रहा।
कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से हुए सम्मानित
सिंगीतम श्रीनिवास राव को उनके योगदान के लिए दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले। इसके अलावा उन्हें पांच नंदी अवॉर्ड, तीन कर्नाटक स्टेट फिल्म अवॉर्ड और तीन फिल्मफेयर अवॉर्ड साउथ से सम्मानित किया गया। वर्ष 2011 में फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया ने उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड भी दिया था।
फिल्म जगत ने जताया दुख
उनके निधन की खबर के बाद कमल हासन, जूनियर एनटीआर, श्रुति हासन, नाग अश्विन और महेश बाबू समेत कई कलाकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कमल हासन ने उन्हें अपना गुरु और खुद को उनका शिष्य बताते हुए उनके साथ बिताए समय को याद किया। जूनियर एनटीआर ने उन्हें समय से आगे सोचने वाला फिल्ममेकर बताया। वहीं महेश बाबू ने उन्हें भारतीय सिनेमा का दिग्गज बताते हुए कहा कि उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा।
फिल्ममेकर नाग अश्विन ने भी सिंगीतम की रचनात्मक सोच को याद करते हुए उनकी एक नई स्क्रिप्ट के आइडिया का जिक्र किया। इससे पता चलता है कि जीवन के आखिरी दौर तक उनकी रचनात्मक ऊर्जा और नए विषयों को लेकर उत्साह बरकरार था।
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