फ्लाईदुबई की दुबई से इजराइल जा रही फ्लाइट में को-पायलट द्वारा विमान को क्रैश कराने की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी ने कथित तौर पर विमान के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर कुल्हाड़ी से हमला किया और विमान का नियंत्रण बिगाड़ने की कोशिश की। जांच में फिलहाल उसके किसी संगठन या सरकार से संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, को-पायलट ने विमान को तेल अवीव की किसी ऊंची इमारत से टकराने की योजना बनाई थी। उसने कॉकपिट में नमाज पढ़ने का बहाना बनाया और इसी दौरान इमरजेंसी के लिए रखी कुल्हाड़ी निकालकर कैप्टन पर हमला कर दिया।
कैप्टन पर लगातार किए वार
हमले में कैप्टन स्मित के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं। काफी खून बहने के बावजूद उन्होंने हमलावर का सामना किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की। इसी दौरान विमान में मौजूद यात्रियों और दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों को घटना की जानकारी हुई।
कई लोग कॉकपिट में पहुंचे और घायल कैप्टन की मदद करने के साथ को-पायलट को काबू करने की कोशिश की। यात्रियों की मदद से स्थिति को नियंत्रित करने में सफलता मिली।
33 हजार फीट से तेजी से नीचे आया विमान
घटना के दौरान विमान का ऑटोपायलट बंद होने के बाद उसकी ऊंचाई तेजी से कम होने लगी। उपलब्ध फ्लाइट ट्रैकिंग जानकारी के मुताबिक, विमान करीब एक मिनट में लगभग 33 हजार फीट से 17 हजार फीट तक नीचे आ गया।
इस दौरान विमान की रफ्तार भी 970 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा पहुंचने की बात सामने आई है। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या को-पायलट ने विमान के इंजन तक ईंधन की आपूर्ति रोकने वाले स्विच से भी छेड़छाड़ की थी।
यात्रियों और ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने संभाला मोर्चा
कॉकपिट में हुए संघर्ष के बीच विमान के नियंत्रण को बचाने में यात्रियों की भूमिका भी सामने आई है। पेशे से प्लंबर बताए गए एक यात्री ने कंट्रोल स्टिक को अपनी ओर खींचकर विमान के तेजी से नीचे जाने को रोकने में मदद की।
इसके बाद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने कॉकपिट का नियंत्रण संभाला और विमान को स्थिर करने की कोशिश की। फ्लाइट में कुल 174 लोग सवार थे। विमान ने इस दौरान इमरजेंसी सिग्नल भी भेजा।
ताबुक में कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग
स्थिति बिगड़ने के बाद सऊदी अरब के एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने विमान को वापस मोड़ने और ताबुक में इमरजेंसी लैंडिंग कराने के निर्देश दिए। पायलटों ने विमान को सुरक्षित उतार लिया।
लैंडिंग के बाद घायल कैप्टन स्मित को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। वहीं आरोपी को-पायलट को सऊदी अधिकारियों के हवाले कर दिया गया।
कई देशों की एजेंसियां कर रही जांच
मामले की जांच में यूएई, इजराइल और सऊदी अरब की एजेंसियां शामिल हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमले के पीछे आरोपी की क्या मंशा थी और क्या उसका किसी आतंकी संगठन से कोई संबंध था।
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने विमान को क्रैश कराने की इच्छा की बात स्वीकार की है। हालांकि, उसके किसी संगठन या सरकार से जुड़े होने की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
पुराने रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे
जांच एजेंसियां आरोपी के पुराने रिकॉर्ड और विदेशों में उसके संपर्कों की भी पड़ताल कर रही हैं। उसके ओमान में विमान उड़ाने से जुड़े रिकॉर्ड और ऑस्ट्रेलिया में बिताए गए समय की जानकारी भी जांच के दायरे में है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, वह 2015 से 2017 के बीच ऑस्ट्रेलिया में छात्र रहा था। उसके वीजा से जुड़े रिकॉर्ड भी अधिकारियों द्वारा खंगाले जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही विमान को क्रैश कराने की कथित साजिश की पूरी वजह स्पष्ट हो सकेगी।
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