फतेहपुर। पूर्व सैनिक उत्थान एवं लोक कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने अध्यक्ष विद्याभूषण तिवारी के नेतृत्व में बुधवार को जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर सैनिक पॉलीक्लीनिक भवन के लिए प्रस्तावित भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने और वहां अस्पताल भवन का निर्माण कराने की मांग की। संगठन ने पत्र के साथ संबंधित न्यायालय के फैसले की छायाप्रति भी जिलाधिकारी को सौंपी।
समिति की ओर से दिए गए पत्र में कहा गया कि सैनिक पॉलीक्लीनिक भवन के निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इस संबंध में पूर्व में भी कई बार साक्ष्यों के साथ जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की मांग की जा चुकी है, लेकिन कार्रवाई अभी तक लंबित है।
संगठन के अनुसार, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) के न्यायालय ने नगर पालिका की ओर से भूमि विभाजन को लेकर दायर वाद को खारिज करते हुए अपने निर्णय में उल्लेख किया है कि उक्त भूमि का पूर्व में ही तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा भूमि विभक्ति कराकर निर्धारित धनराशि प्राप्त करने के बाद विभाजन किया जा चुका है।
पूर्व सैनिक संगठन का आरोप है कि इसके बाद नगर पालिका द्वारा संबंधित भूमि पर कब्जा कर अटल बिहारी वाजपेयी पार्क का निर्माण करा दिया गया। संगठन का कहना है कि वर्ष 2020 से लगातार सक्षम अधिकारियों के समक्ष इस मामले की शिकायत की जाती रही है।
समिति ने जिलाधिकारी से मांग की कि न्यायालय के निर्णय के अनुपालन में नगर पालिका से उक्त भूमि को कब्जामुक्त कराया जाए और सैनिक पॉलीक्लीनिक अस्पताल के लिए निर्धारित वह भूमि उपलब्ध कराई जाए, जो मिलिट्री लैंड रिकॉर्ड में दर्ज है।
संगठन के अनुसार भूमि के चारों तरफ बाउंड्री करा दी गई है, लेकिन अभी तक वहां भवन का निर्माण नहीं हो सका है। समिति ने कहा कि पॉलीक्लीनिक भवन बनने से करीब 26 हजार पूर्व सैनिकों, उनके परिवारों और माता-पिता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
संगठन ने न्यायालय के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे पूर्व सैनिकों में खुशी की लहर है। उन्हें उम्मीद है कि अब प्रशासन इस मामले में प्रभावी कार्रवाई करेगा और सैनिक पॉलीक्लीनिक भवन निर्माण का रास्ता साफ होगा।
इस मौके पर राजेश कुमार शुक्ला, देवेंद्र कुमार शुक्ला, शिवपूजन मिश्रा, रामराज अवस्थी, यदुनंदन सिंह यादव, एपी सिंह, सुमन मौर्य सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
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