फतेहपुर। जिले के भिटौरा क्षेत्र अंतर्गत बेरा गढ़वा निवासी संत रामप्रताप पिछले डेढ़ साल से अपनी ही जमीन को दबंगों के कब्जे से मुक्त कराने के लिए शासन और प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं। योगी सरकार द्वारा जीरो टॉलरेंस और भू-माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के बड़े-बड़े दावों के बावजूद पीड़ित साधु को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
मामला तब बिगड़ा, जब पीड़ित ने 30 जनवरी 2025 को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर अपनी भूमि खाली कराने की गुहार लगाई। आरोप है कि स्थानीय लेखपाल चंद्रपाल ने निष्पक्ष जांच करने के बजाय आरोपी दबंग अर्जुन सिंह पुत्र रामराज सिंह से सांठगांठ कर ली और फर्जी रिपोर्ट लगाकर मामले को रफा-दफा कर दिया।
लेखपाल की इस कथित मिलीभगत से बेखौफ दबंगों ने पीड़ित साधु की गाटा संख्या 1547 क (क्षेत्रफल 0.7290), 1547 ख (क्षेत्रफल 0.1760) और शादीपुर बेरा स्थित गाटा संख्या 457 पर जबरन कब्जा कर धान की फसल बो दी।
इतना ही नहीं, दबंगों ने बाबा रामप्रताप की जमीन में खड़ी गेहूं की फसल को भी जोतकर पूरी तरह नष्ट कर दिया। इसके अलावा आम आवागमन के लिए इस्तेमाल होने वाले चक रोड संख्या 1805 को भी बंद कर दिया गया, जिससे रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो चुका है।
प्रशासनिक स्तर पर सुनवाई नहीं होने पर पीड़ित ने 3 मार्च 2025 को मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जिसकी शिकायत संख्या 40017225003017 है। इसके बाद 3 अगस्त को दोबारा जिलाधिकारी से मुलाकात कर शिकायत पत्र सौंपा गया। इसके बावजूद धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
कार्रवाई न होने से आरोपी अर्जुन सिंह के हौसले और बुलंद हो गए। आरोप है कि जब बाबा रामप्रताप ने अपनी जमीन खाली करने की बात कही तो आरोपी ने खुलेआम धमकी देते हुए कहा कि, “तुम साधु हो, चुपचाप राम-राम जपो, वरना जान से हाथ धो बैठोगे और तुम्हारी लाश इसी खेत में गाड़ दी जाएगी।”
पीड़ित संत रामप्रताप ने जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री से अपनी जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाते हुए आरोपी के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने, जमीन को दबंगों के कब्जे से मुक्त कराने और आम रास्ते को खुलवाने की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि लंबे समय से शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने से दबंगों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं।
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