फतेहपुर। हुसैनगंज थाना क्षेत्र के सहिमापुर गांव में करीब 14 वर्ष पहले हुई हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर-2 ने मामा-भांजे समेत तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने प्रत्येक दोषी पर 52 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस तरह तीनों दोषियों पर कुल 1 लाख 56 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। मामले में फैसला अपर सत्र न्यायाधीश अजय सिंह प्रथम ने सुनाया।
अभियोजन पक्ष के शासकीय अधिवक्ता रणधीर सिंह एवं अजय कुमार सिंह के अनुसार, घटना 11 अगस्त 2012 की शाम करीब चार बजे की है। हुसैनगंज थाना क्षेत्र के सहिमापुर गांव निवासी कल्लू अपने खेत की मेड़ पर घास डाल रहे थे। इसी दौरान गांव के ही राजू सिंह, संजय सिंह और राजू सिंह के भांजे नीरज उर्फ नीलम सिंह निवासी ग्राम सरैया लालपुर, जनपद कानपुर देहात, जो वर्तमान में सहिमापुर में रह रहे थे, ने एकराय होकर उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
हमले में कल्लू गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौत हो गई। घटना के संबंध में मृतक की पत्नी विमला देवी ने हुसैनगंज थाने में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर राजू सिंह, संजय सिंह और नीरज उर्फ नीलम सिंह को दोषी ठहराया गया। इसके बाद न्यायालय ने तीनों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और प्रत्येक पर 52 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
इस फैसले के साथ ही करीब 14 वर्ष पुराने हत्या के मामले में न्यायिक कार्रवाई पूरी हुई और तीनों दोषियों को दंडित किया गया।
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