न्यूज़ वाणी ब्यूरो बांदा। जिले में अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग पर प्रभावी रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ाने की तैयारी की है। मंगलवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक, विभिन्न तहसीलों के उपजिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी, खान अधिकारी, एआरटीओ और जीएसटी विभाग के प्रवर्तन अधिकारी मौजूद रहे।
पकड़े गए वाहनों की संख्या कम न होने देने के निर्देश
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में अवैध खनन, परिवहन और ओवरलोडिंग के मामलों में पकड़े जाने वाले वाहनों की संख्या पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 की तुलना में कम नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही 233 वाहनों से संबंधित लंबित बैकलॉग को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से निरीक्षण करें।
बालू-मोरम के खनन पट्टों की होगी निगरानी
जिलाधिकारी ने बबेरू, नरैनी, सदर और पैलानी के उपजिलाधिकारियों को मानसून सत्र समाप्त होने के बाद संचालित बालू-मोरम खनन पट्टों और खनन अनुज्ञा-पत्रों की नियमित जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खनन स्थलों पर निर्धारित नियमों का पालन कराया जाए तथा अवैध खनन, खनिजों के परिवहन और ओवरलोडिंग की गतिविधियां किसी भी स्थिति में बर्दाश्त न की जाएं।
नदी की जलधारा और नदी तल की मुख्य धारा में खनन पर रोक का कड़ाई से पालन कराने के भी निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि खनन स्थलों की निगरानी में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
भंडारण स्थलों पर बालू-मोरम की संयुक्त जांच
बैठक में जिलाधिकारी ने मानसून सत्र के बाद भंडारण लाइसेंस के अंतर्गत बचे बालू-मोरम के स्टॉक की जांच कराने के निर्देश दिए। इसके लिए खनिज विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम गठित कर खनिज की माप कराई जाएगी। संयुक्त जांच की रिपोर्ट 10 कार्य दिवस के भीतर प्रस्तुत करने को कहा गया।
नरैनी और करतल क्षेत्र में शिकायतों की जांच
बैठक के दौरान उपजिलाधिकारी नरैनी और खान अधिकारी ने जानकारी दी कि नदी में पानी कम होने के बाद थाना नरैनी और करतल के आसपास स्थानीय ग्रामीणों की ओर से बालू-मोरम के अवैध खनन और परिवहन की शिकायतें मिल रही हैं।
इस पर जिलाधिकारी ने टास्क फोर्स के अधिकारियों को संबंधित स्थलों का निरीक्षण करने और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसी क्रम में उपजिलाधिकारी बांदा को कनवारा, अछरौड़, उजरेहटा, भवानीपुरवा और लड़ाकापुरवा (राजघाट) में अवैध खनन एवं परिवहन से जुड़ी शिकायतों की जांच करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि शिकायतों की पुष्टि होने पर जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और जांच रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत की जाए।
लगातार क्षेत्र भ्रमण कर कार्रवाई करने के निर्देश
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने टास्क फोर्स के सभी सदस्यों को नियमित क्षेत्र भ्रमण करने, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने और अवैध खनन, परिवहन तथा ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने भी पुलिस अधिकारियों और टास्क फोर्स के सदस्यों को निर्देशों का गंभीरता से अनुपालन करने को कहा।
प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य जिले में खनन संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करना, राजस्व की हानि रोकना और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना है।
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