– भारत मुक्ति मोर्चा व भारतीय विद्यार्थी मोर्चा ने उठाई ग्यारह प्रमुख मांगें
– कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते भारत मुक्ति व भारतीय विद्यार्थी मोर्चा के पदाधिकारी।
फतेहपुर। भारत मुक्ति मोर्चा व भारतीय विद्यार्थी मोर्चा के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार तथा छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि देशभर में नीट-यूजी परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं और पेपर लीक जैसी घटनाओं ने करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। संगठन ने मांग की कि पूरे मामले की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि परीक्षा प्रणाली में छात्रों का विश्वास कायम रह सके। संगठन ने अपनी प्रमुख मांगों में ईवीएम से होने वाले चुनावों की समीक्षा, नीट परीक्षा का संचालन एआईआईएमएस की निगरानी में कराने, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की कार्यप्रणाली की उच्चस्तरीय जांच, नीट, एसएससी व सीजीएल समेत प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक पर सख्त रोक, नई शिक्षा नीति की समीक्षा, 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने, सरकारी विभागों में वर्षों से रिक्त पदों पर नियमित भर्ती शुरू करने तथा छात्रों के अधिकारों और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग शामिल की। ज्ञापन में जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने तथा आंदोलन के दौरान छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की गई। साथ ही उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों में स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की घटाई गई सीटों को पुनः बहाल करने की मांग उठाई गई। इस दौरान जिलाध्यक्ष संजय कुमार एडवोकेट के अलावा अश्वनी कुमार एडवोकेट, मुन्ना लोधी, फूलचन्द्र एडवोकेट, शिवकुमार एडवोकेट, शिवपूजन, सत्यम, ममता देवी, रोशनी देवी, राजेश कुमार गौतम आदि मौजूद रहे।

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