वाराणसी। दालमंडी पुनर्विकास परियोजना के अंतर्गत बुधवार, 11 जून को 12 और मकानों पर बुलडोजर की कार्रवाई की गई। ये सभी मकान पीडब्ल्यूडी की ओर से मुआवजा प्राप्त भवन स्वामियों के हैं। पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन के.के. सिंह ने जानकारी दी कि अब तक कुल 132 मकानों का ध्वस्तीकरण पूरा किया जा चुका है। अभी लगभग 50 भवन और गिराए जाने हैं। जून के अंत तक पूरी कार्रवाई समाप्त कर ली जाएगी। यह ध्यान देने योग्य है कि 09 जून की रात जब पीडब्ल्यूडी के अधिकारी नए मकानों की नापी कर रहे थे, तब स्थानीय लोगों और अधिकारियों के बीच बहस भी हुई थी। इसके बावजूद प्रशासन ने मुआवजा प्राप्त मकानों पर कार्रवाई जारी रखी।
अधिकारियों का कहना है कि दालमंडी को चौड़ा कर आवागमन को सुगम बनाने के लिए यह परियोजना आवश्यक है। ध्वस्तीकरण के बाद सड़क चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण का कार्य आरंभ होगा। दालमंडी पुनर्विकास परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र में यातायात की स्थिति को बेहतर बनाना है। इस परियोजना के तहत, सड़क को चौड़ा करने के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना से स्थानीय निवासियों को भी लाभ होगा, क्योंकि इससे क्षेत्र में विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी।
हालांकि, इस प्रक्रिया के दौरान स्थानीय निवासियों का विरोध भी देखने को मिला है। कई लोगों ने मुआवजे की राशि को अपर्याप्त बताया है और प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की है। इसके बावजूद, प्रशासन ने अपनी कार्रवाई को जारी रखा है, जिससे स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। प्रशासन का कहना है कि दालमंडी क्षेत्र में यातायात की समस्या को हल करने के लिए यह ध्वस्तीकरण आवश्यक है। इसके साथ ही, अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी मुआवजा प्राप्त भवन स्वामियों को उचित मुआवजा दिया गया है। इस परियोजना के तहत ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि जून के अंत तक सभी आवश्यक कार्य पूरे हो सकें। इसके बाद, सड़क चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण का कार्य आरंभ होगा, जिससे दालमंडी क्षेत्र में आवागमन की स्थिति में सुधार होगा।
News Wani
