लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की औपचारिक आहट बुधवार को उस समय सुनाई दी जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार के नौ वर्षों का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करते हुए विकास, कानून-व्यवस्था, निवेश, रोजगार और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में किए गए कार्यों को जनता के सामने रखा। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश अब अपनी पुरानी पहचान, पिछड़ेपन और अव्यवस्था की छवि से बाहर निकलकर देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) लगातार तीसरी बार सरकार बनाकर प्रदेश की राजनीति में नया इतिहास रचेगा।
राजधानी लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने केवल विकास के आंकड़े ही नहीं बदले, बल्कि शासन व्यवस्था की कार्यशैली, निवेश का माहौल, कानून-व्यवस्था और जनकल्याण की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से अपनी नई पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब उत्तर प्रदेश को अपराध, दंगों, खराब कानून-व्यवस्था और पलायन के लिए जाना जाता था, लेकिन आज वही प्रदेश निवेश, औद्योगिक विकास, बेहतर आधारभूत संरचना और सुशासन का उदाहरण बनकर उभरा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना के साथ कार्य करते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया है। उन्होंने दावा किया कि बिना किसी भेदभाव के गरीब, किसान, महिला, युवा, श्रमिक और वंचित वर्गों के लिए अनेक योजनाएं प्रभावी रूप से लागू की गईं, जिनका लाभ करोड़ों लोगों को मिला है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले राज्यों में शामिल है। प्रदेश में एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट, मेडिकल कॉलेज, डिफेंस कॉरिडोर, औद्योगिक गलियारे, डेटा सेंटर, मेट्रो परियोजनाएं और धार्मिक पर्यटन से जुड़ी अनेक परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था और पारदर्शी प्रशासन के कारण देश-विदेश के निवेशकों का विश्वास उत्तर प्रदेश पर लगातार बढ़ा है।
मुख्यमंत्री ने रोजगार के मुद्दे पर भी अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता लाई गई, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित किया गया तथा स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक इकाइयों की संख्या बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।
कानून-व्यवस्था को अपनी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध और संगठित माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में दंगा-मुक्त वातावरण स्थापित हुआ है और आम नागरिकों के बीच सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून का शासन स्थापित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल रहा है।
महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन शक्ति, महिला हेल्पलाइन, एंटी रोमियो स्क्वॉड, स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर विशेष ध्यान दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों को समय पर खाद, बीज, सिंचाई सुविधाएं और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित अन्य योजनाओं ने किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके साथ ही कृषि आधारित उद्योगों और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को भी प्रोत्साहित किया गया है।
बुनियादी ढांचे के विकास पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार किए गए हैं। मेडिकल कॉलेजों की संख्या में वृद्धि, जिला अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण, आयुष्मान भारत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा डिजिटल सेवाओं के विस्तार का भी उन्होंने उल्लेख किया। उनका कहना था कि इन प्रयासों से आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हुई हैं।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को भी सरकार की उपलब्धियों में शामिल किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज और अन्य धार्मिक स्थलों के विकास के लिए बड़े स्तर पर कार्य किए गए हैं, जिससे धार्मिक पर्यटन को नई गति मिली है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ पहुंचा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता ने पिछले दो चुनावों में भाजपा के नेतृत्व पर भरोसा जताया और विकास की राजनीति को समर्थन दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी चुनाव में भी जनता विकास, सुशासन और सुरक्षा के मुद्दों पर भाजपा को समर्थन देगी तथा एनडीए लगातार तीसरी बार सरकार बनाकर प्रदेश की राजनीति में नया अध्याय लिखेगा।
हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनाव में विकास, रोजगार, महंगाई, कृषि, सामाजिक न्याय और स्थानीय मुद्दे भी प्रमुख चुनावी विषय रहेंगे। विपक्ष भी सरकार के दावों को चुनौती देते हुए विभिन्न जनहित के मुद्दों को चुनावी एजेंडे में प्रमुखता से उठाने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में आने वाले महीनों में प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
राजनीतिक दृष्टि से मुख्यमंत्री का यह संबोधन केवल नौ वर्षों की उपलब्धियों का लेखा-जोखा भर नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा की प्रारंभिक राजनीतिक रणनीति का संकेत भी माना जा रहा है। विकास, सुशासन, निवेश, कानून-व्यवस्था और बुनियादी ढांचे को केंद्र में रखकर सरकार ने एक बार फिर अपने कार्यकाल को जनता के सामने प्रस्तुत किया है। अब आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार के इन दावों को जनता किस रूप में स्वीकार करती है और प्रदेश की बदलती राजनीतिक परिस्थितियां आगामी विधानसभा चुनाव की दिशा किस प्रकार निर्धारित करती हैं।
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