फतेहपुर। जिले में सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर युवा विकास समिति ने शासन के सामने बड़ी मांग उठाई है। समिति के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्य सचिव को ज्ञापन भेजकर बंद पड़ी कताई मिल की यूपीसीडा को हस्तांतरित भूमि में से मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से लगी उपयुक्त जमीन को चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के लिए उपलब्ध कराने की मांग की है।
समिति ने ज्ञापन में कहा कि प्रदेश की बंद पड़ी कताई मिलों की भूमि को औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के उद्देश्य से यूपीसीडा को हस्तांतरित किया गया है। इसमें जिले की करीब 55.31 एकड़ भूमि भी शामिल बताई गई है। समिति का कहना है कि कताई मिल की भूमि का महत्वपूर्ण हिस्सा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के आसपास स्थित है। ऐसे में अस्पताल से लगी जमीन को औद्योगिक उपयोग में लाने से पहले मरीजों की सुरक्षा, पर्यावरण, प्रदूषण, यातायात और मेडिकल कॉलेज के भविष्य में होने वाले विस्तार की जरूरतों का समग्र अध्ययन कराया जाना जरूरी है।
समिति के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र मिश्रा ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में आईसीयू, आपातकालीन सेवाओं समेत कई संवेदनशील चिकित्सा सुविधाएं संचालित होती हैं। भविष्य में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं, अस्पताल के विस्तार, छात्रावास, नर्सिंग सुविधाओं, पार्किंग, ऑक्सीजन प्लांट और अन्य चिकित्सा आधारभूत ढांचे के लिए अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता पड़ सकती है।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज से लगी यूपीसीडा की भूमि के उपयोग को लेकर दीर्घकालीन दृष्टिकोण से विचार किया जाना चाहिए। समिति ने शासन से मांग की कि मेडिकल कॉलेज की भविष्य की आवश्यकताओं का आकलन कर अस्पताल से लगी उपयुक्त यूपीसीडा भूमि को मेडिकल कॉलेज के विस्तार और चिकित्सा सुविधाओं के विकास के लिए हस्तांतरित अथवा उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार किया जाए।
साथ ही प्रस्तावित औद्योगिक गतिविधियों से होने वाले संभावित प्रदूषण, पर्यावरणीय प्रभाव, यातायात दबाव और मरीजों की सुरक्षा का वैज्ञानिक परीक्षण कराने की भी मांग की गई है।
ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष कंचन, संजय दत्त, आफताब, लीगल एडवाइजर विकास श्रीवास्तव समेत समिति के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
News Wani
