बदायूं में गंगा की धारा का रुख बदलने से बाढ़ का असर बेहद गंभीर हो गया है। नदी का पानी तेजी से कटान कर रहा है, जिससे गांवों के आसपास की जमीन लगातार गंगा में समाती जा रही है। हालात ऐसे हैं कि एक स्कूल भी नदी की चपेट में आकर गंगा में समा गया। कई घर, खेत और संपर्क मार्ग भी पानी के तेज बहाव में बह चुके हैं, जिससे ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बाढ़ और कटान के बाद उन्हें अपने घर दूसरी जगह बसाने पड़ते हैं। कई परिवारों को गांव से करीब 2 से 4 किलोमीटर दूर जाकर नया ठिकाना बनाना पड़ा है। अब स्थिति यह है कि सुरक्षित जगहों पर भी जमीन कम पड़ने लगी है। लोग अस्थायी झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
गंगा की धारा बदलने से खेत, रास्ते और आबादी प्रभावित हो रही है। कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया है, जिससे राहत और बचाव कार्यों में भी दिक्कतें आ रही हैं। ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने परिवार और बची हुई जमीन को सुरक्षित रखना है। लगातार हो रहे कटान ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है और प्रशासन से स्थायी समाधान, तटबंध निर्माण और राहत कार्यों को तेज करने की मांग तेज हो गई है।
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