Breaking News

डीएम का स्वास्थ्य माफियाओं पर प्रहार, अवैध अस्पतालों पर होगा एक्शन

– बिना पंजीकरण चल रहे अस्पतालों को तत्काल बंद करने का आदेश
– स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर भड़कीं डीएम, सीएमओ को दिए निर्देश
– डीएम निधि गुप्ता वत्स।
फतेहपुर। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की आड़ में फल-फूल रहे अवैध अस्पतालों, नर्सिंग होमों और क्लीनिक संचालकों के खिलाफ अब जिला प्रशासन ने सख्त तेवर अपना लिए हैं। जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया है कि जिले में अवैध, अनाधिकृत एवं बिना पंजीकरण संचालित सभी अस्पतालों और नर्सिंग होमों को तत्काल चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए बंद कराया जाए। जिलाधिकारी के इस आदेश के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कई अस्पताल और नर्सिंग होम बिना वैध पंजीकरण के संचालित हो रहे हैं। इन संस्थानों में नियम-कानूनों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और मरीजों की जान जोखिम में डालकर मोटी कमाई की जा रही है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिला मुख्यालय सहित कई इलाकों में ऐसे अस्पताल वर्षों से संचालित हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग की नजरें उन पर नहीं पड़ीं। इससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब जिलाधिकारी के सीधे हस्तक्षेप के बाद माना जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग को जवाबदेही तय करनी पड़ेगी। जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनपद में बिना पंजीकरण अथवा नियमों के विपरीत संचालित किसी भी अस्पताल, नर्सिंग होम या स्वास्थ्य संस्थान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे सभी संस्थानों को तत्काल चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मरीजों की सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं है। अब सबकी निगाहें स्वास्थ्य क्या जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होगी? आने वाले दिनों में यह अभियान केवल अवैध अस्पतालों पर कार्रवाई तक सीमित रहेगा या फिर स्वास्थ्य विभाग की जवाबदेही भी तय होगी, इस पर पूरे जिले की नजरें टिकी हैं।विभाग पर डीएम के आदेश के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर वर्षों से बिना पंजीकरण संचालित हो रहे अस्पतालों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

About NW-Editor

Check Also

फतेहपुर में बालश्रम पर सख्ती, दिसंबर तक जिले को बालश्रम मुक्त बनाने का लक्ष्य

  – एडीएम न्यायिक ने ली श्रम बंधु, टास्क फोर्स व सतर्कता समिति की संयुक्त …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *