नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को लेकर देशभर में जारी राजनीतिक बहस के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तथा भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य और शिक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है। नड्डा का आरोप है कि विपक्ष इस मुद्दे का समाधान खोजने के बजाय इसे राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रहा है और छात्रों की भावनाओं को भड़काने का प्रयास कर रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नीट परीक्षा से जुड़े मामलों पर सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है, लेकिन विपक्ष लगातार भ्रम फैलाने और सरकार की छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और यदि कहीं भी अनियमितता या गड़बड़ी सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है।
जेपी नड्डा ने राहुल गांधी का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें छात्रों के भविष्य की वास्तविक चिंता नहीं है, बल्कि वे इस मुद्दे पर केवल राजनीतिक रोटियां सेंकने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष वास्तव में छात्रों के हित में चिंतित होता तो वह समाधान और सुधार की दिशा में रचनात्मक सुझाव देता, लेकिन इसके बजाय लगातार राजनीतिक बयानबाजी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। लाखों छात्र वर्षों की मेहनत के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं और ऐसे समय में नेताओं की गैर-जिम्मेदार टिप्पणियां छात्रों और उनके परिवारों में अनावश्यक असमंजस और तनाव पैदा कर सकती हैं। सरकार का उद्देश्य छात्रों के हितों की रक्षा करना है और इसी दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि परीक्षा से जुड़ी किसी भी शिकायत या अनियमितता को सरकार गंभीरता से लेती है। संबंधित एजेंसियों द्वारा जांच कराई जाती है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। उन्होंने दोहराया कि सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए लगातार सुधारात्मक उपाय लागू कर रही है।
नड्डा ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि हर राष्ट्रीय मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की प्रवृत्ति लोकतांत्रिक विमर्श के लिए उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और युवाओं के भविष्य जैसे विषय दलगत राजनीति से ऊपर होने चाहिए। यदि किसी परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन बिना तथ्यों के पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करना लाखों मेहनती छात्रों का मनोबल कमजोर करता है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने, तकनीकी निगरानी मजबूत करने और नकल व पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कई कदम उठाए हैं। भविष्य में भी आवश्यक सुधार जारी रहेंगे ताकि छात्रों का भरोसा बना रहे।
उधर, नीट परीक्षा को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर बना हुआ है। कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल परीक्षा में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार करने में विफल रही है और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। इसी मुद्दे को लेकर विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन और राजनीतिक बयानबाजी भी देखने को मिली है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीट जैसे राष्ट्रीय स्तर के परीक्षा मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। एक ओर सरकार जांच और सुधारात्मक कदमों का हवाला दे रही है, वहीं विपक्ष जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग कर रहा है। ऐसे में यह विषय आने वाले समय में भी राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का प्रमुख केंद्र बना रह सकता है।
फिलहाल केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इस पूरे विवाद के केंद्र में सबसे महत्वपूर्ण पक्ष देश के लाखों छात्र हैं, जिनका भविष्य सर्वोपरि होना चाहिए। इसलिए सभी पक्षों को ऐसे कदम उठाने चाहिए जिनसे परीक्षा प्रणाली पर छात्रों का विश्वास मजबूत हो और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बनी रहे।
News Wani
