लखनऊ। आगामी कांवड़ यात्रा को स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के नगर विकास विभाग ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और यात्रा के दौरान बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने प्रदेश के सभी संबंधित नगर निकायों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। यात्रा मार्गों पर साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, अस्थायी शौचालय, कूड़ा निस्तारण और अन्य नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु विभिन्न जनपदों से होकर गुजरते हैं। ऐसे में यात्रा मार्गों पर किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। विभाग का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण, सुरक्षित यात्रा और आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
प्रदेश के नगर निगमों, नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों को निर्देश दिए गए हैं कि यात्रा मार्गों की विशेष सफाई कराई जाए तथा नियमित रूप से कूड़ा उठान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिन मार्गों से कांवड़िए गुजरेंगे वहां विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। नालियों की सफाई, जलभराव की समस्या का समाधान तथा सड़कों की मरम्मत का कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त संख्या में अस्थायी शौचालय स्थापित किए जा रहे हैं। इनके नियमित रखरखाव और साफ-सफाई की जिम्मेदारी भी संबंधित निकायों को सौंपी गई है। इसके अलावा स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पानी के टैंकर, वाटर कूलर और पेयजल केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
रात्रि के समय यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए यात्रा मार्गों पर स्ट्रीट लाइटों की जांच और मरम्मत का कार्य भी तेज कर दिया गया है। जहां आवश्यकता महसूस की जा रही है, वहां अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था की जा रही है। नगर विकास विभाग ने निर्देश दिए हैं कि किसी भी मार्ग पर अंधेरा न रहे और विद्युत व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो।
स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सफाई कर्मियों की तैनाती की जा रही है। कूड़ा संग्रहण के लिए विशेष वाहन लगाए जाएंगे तथा यात्रा मार्गों पर नियमित अंतराल पर सफाई अभियान चलाया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कहीं भी कूड़े का ढेर या गंदगी दिखाई न दे और पूरे मार्ग पर स्वच्छ वातावरण बना रहे।
नगर विकास विभाग ने पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी है। श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से अपील की जा रही है कि प्लास्टिक का उपयोग कम करें तथा कूड़ा निर्धारित स्थानों पर ही डालें। निकायों को निर्देश दिए गए हैं कि पर्यावरण के अनुकूल व्यवस्थाएं विकसित की जाएं और यात्रा के दौरान स्वच्छता संबंधी जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाए।
यात्रा मार्गों पर चिकित्सा सहायता, आपातकालीन सेवाओं और अन्य विभागों के साथ समन्वय बनाए रखने के लिए भी व्यापक तैयारी की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने हेतु संबंधित विभागों के अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। विभिन्न जिलों में नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय किए जा रहे हैं, जहां से व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जाएगी।
नगर विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। सभी नगर निकायों से कार्यों की प्रगति रिपोर्ट मांगी जा रही है तथा जहां किसी प्रकार की कमी पाई जा रही है, वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं। विभाग का स्पष्ट निर्देश है कि यात्रा प्रारंभ होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं।
कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए स्थानीय प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग, जल संस्थान और अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। सभी विभागों को अपने-अपने दायित्वों का समयबद्ध ढंग से निर्वहन करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि कांवड़ यात्रा जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों में प्रशासनिक समन्वय, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्थाएं अत्यंत महत्वपूर्ण होती हैं। समय रहते तैयारियां पूरी होने से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलती हैं और यात्रा सुचारु रूप से संपन्न होती है। इसी उद्देश्य से नगर विकास विभाग ने इस बार व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है।
फिलहाल प्रदेशभर में कांवड़ यात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। नगर विकास विभाग का दावा है कि सभी नगर निकायों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा दिए गए हैं और यात्रा मार्गों पर व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यात्रा अवधि के दौरान भी साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं की नियमित समीक्षा की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
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