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तेल टैंकर पर अमेरिकी हमले के बाद 3 भारतीय अब भी लापता, बेटे आदित्य शर्मा की तलाश में पिता की भावुक गुहार

नई दिल्ली: ओमान तट के पास हुए तेल टैंकर हमले ने एक बार फिर समुद्री सुरक्षा और वैश्विक तनाव पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. लेकिन इस पूरी घटना के बीच सबसे ज्यादा दर्द उन परिवारों का है जिनके अपने अब भी लापता हैं. अमेरिकी कार्रवाई, होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता तनाव और समुद्री नाकेबंदी जैसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय खबरों के पीछे कुछ ऐसे चेहरे भी हैं जो अपने बेटों के लौटने का इंतजार कर रहे हैं. उन्हीं में से एक हैं आदित्य शर्मा के पिता राजेश शर्मा. उनका बेटा पलाऊ देश के झंडे वाले तेल टैंकर ‘सेटोबेलो’ पर मौजूद था, जिस पर ओमान तट के पास हमला हुआ. 24
भारतीय क्रू मेंबरों में से 21 को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन आदित्य समेत 3 भारतीय अब भी लापता बताए जा रहे हैं. सोशल मीडिया पर पिता की अपील ने लोगों को भावुक कर दिया है. उनका कहना है कि बेटे को हर हाल में ढूंढा जाए क्योंकि परिवार हर पल डर और अनिश्चितता में जी रहा है. यह मामला केवल एक समुद्री हादसा नहीं रह गया है. इसमें कई गंभीर सवाल भी सामने आ रहे हैं. आदित्य शर्मा के पिता ने दावा किया है कि उनके बेटे ने अप्रैल में ही जहाज पर अपने वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कथित शोषण की शिकायत की थी. उन्होंने बताया कि आदित्य इस जहाज़ को छोड़ना चाहता था, लेकिन परिस्थितियां ऐसी बनीं कि वह वहीं काम करता रहा. अब हमले के बाद उसके लापता होने की खबर ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है. विदेश मंत्रालय ने भी घटना की पुष्टि करते हुए कहा है कि भारतीय दूतावास लगातार ओमानी प्रशासन के संपर्क में है और सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.

ओमान तट के पास कैसे हुआ हमला?

  • बताया जा रहा है कि पलाऊ देश के झंडे वाले केमिकल और ऑयल टैंकर ‘सेटोबेलो’ ओमान के सोहर पोर्ट से करीब 20 समुद्री मील दूर था, तभी जहाज के इंजन रूम में आग लग गई और हमले जैसी स्थिति पैदा हो गई. UK Maritime Trade Operations (UKMTO) ने घटना की पुष्टि की है. ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा एजेंसी Vanguard के मुताबिक ओमान नेवी ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. शुरुआती जानकारी में इसे अमेरिकी कार्रवाई और होर्मुज क्षेत्र में जारी समुद्री प्रतिबंधों से जोड़कर देखा जा रहा है.
  • हमले के बाद जहाज़ पर मौजूद भारतीय क्रू में अफरा-तफरी मच गई. कई लोगों को समुद्र में कूदकर अपनी जान बचानी पड़ी. ओमानी सैन्य बलों ने तेजी से ऑपरेशन चलाते हुए 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया. लेकिन आदित्य शर्मा समेत 3 क्रू सदस्य अब भी लापता हैं. परिवारों का कहना है कि हर गुजरते घंटे के साथ उनकी चिंता बढ़ती जा रही है. भारतीय दूतावास लगातार रेस्क्यू एजेंसियों के संपर्क में है.
  • विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि भारत इस हमले की निंदा करता है. मंत्रालय ने कहा कि भारतीय दूतावास ओमान में स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है. सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन में ओमानी प्रशासन के साथ सक्रिय समन्वय किया जा रहा है. MEA ने यह भी कहा कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और लापता भारतीयों को खोजने के लिए हरसंभव प्रयास जारी हैं.
आदित्य शर्मा के पिता राजेश शर्मा ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि उनका बेटा सिर्फ नौकरी करने गया था, लेकिन अब उसका कोई पता नहीं है. उन्होंने भारत सरकार, भारतीय नौसेना और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से मदद की अपील की है. उन्होंने शिपिंग कंपनी का संदेश भी साझा किया जिसमें बताया गया कि तीन भारतीय अब भी लापता हैं. पिता ने कहा कि उनका परिवार हर फोन कॉल पर उम्मीद लगाए बैठा है.

होर्मुज में बढ़ते तनाव ने बढ़ाई चिंता

दरअसल अप्रैल के बाद से अमेरिका ने ईरान से जुड़े समुद्री मार्गों पर निगरानी और कार्रवाई तेज कर दी है. CENTCOM के मुताबिक कई जहाज़ों को रोका गया और कुछ को दिशा बदलने पर मजबूर किया गया. होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है. यहां बढ़ते तनाव का असर वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा दोनों पर पड़ रहा है.

भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस घटना के बाद भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भी बहस तेज हो गई है. बड़ी संख्या में भारतीय समुद्री कर्मचारी अंतरराष्ट्रीय जहाज़ों पर काम करते हैं. ऐसे में युद्ध और तनाव वाले इलाकों में उनकी सुरक्षा को लेकर सख्त नियमों और निगरानी की मांग उठ रही है. Forward Seamen’s Union of India ने भी पहले इस मुद्दे को उठाया था और भारतीय अधिकारियों से हस्तक्षेप की अपील की थी.

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