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छात्रों ने राष्ट्रगान गाया, दो मिनट का मौन रखा; आंदोलनकारियों ने कहा- बाकी मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा धरना
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आते ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के बीच जश्न का माहौल बन गया। छात्रों ने “छात्र एकता जिंदाबाद” के नारे लगाए, राष्ट्रगान गाया और परीक्षा अनियमितताओं से प्रभावित छात्रों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दीपके ने कहा कि यह लोकतांत्रिक संघर्ष की बड़ी जीत है। उन्होंने कहा कि मंत्री का इस्तीफा पहला कदम है, लेकिन आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक शेष मांगों पर सरकार लिखित आश्वासन नहीं देती। उन्होंने प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजा, प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों की वापसी और पुलिस कार्रवाई की जांच की मांग दोहराई।
इधर, आंदोलन के प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के बीच वार्ता की तैयारी भी शुरू हो गई है। बातचीत में आंदोलन की शेष मांगों और आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।
इस बीच विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी। कई विपक्षी नेताओं ने इसे छात्रों और लोकतांत्रिक आंदोलन की जीत बताया, जबकि सत्तापक्ष के नेताओं ने कहा कि सरकार छात्रों के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है।
जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों से नई दिल्ली क्षेत्र में आवश्यक होने पर ही आने की अपील की है।
आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि सरकार उनकी प्रमुख मांगों को लिखित रूप में स्वीकार कर लेती है, तो आंदोलन समाप्त करने पर विचार किया जाएगा। फिलहाल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है।
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