– सीएम से नियमितीकरण की उठाई मांग
– कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते ग्राम रोजगार सेवक।
फतेहपुर। ग्राम रोजगार सेवक (पंचायत मित्र) वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर प्रदेश के लगभग 36 हजार ग्राम रोजगार सेवकों को नियमित कर राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की है। संगठन का कहना है कि ग्राम रोजगार सेवक पिछले 17 वर्षों से मनरेगा सहित विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन आज भी उन्हें न तो स्थायी सेवा सुरक्षा प्राप्त है और न ही पर्याप्त मानदेय। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष आदित्य सिंह चौहान के नेतृत्व में सौपे गए ज्ञापन में मांग की गई कि ग्राम रोजगार सेवकों को सहायक सचिव अथवा ग्राम विकास सहायक के पद पर समायोजित करते हुए नियमित किया जाए। साथ ही न्यूनतम 24 हजार मासिक मानदेय, समय पर वेतन भुगतान, लंबित बकाया राशि का निस्तारण, ईपीएफ, स्वास्थ्य बीमा, चिकित्सा सुविधा, आकस्मिक एवं चिकित्सीय अवकाश, स्थानांतरण नीति तथा मृतक आश्रित को नौकरी देने की व्यवस्था लागू की जाए। संगठन ने यह भी मांग उठाई है कि ग्राम रोजगार सेवकों को विभागीय कर्मचारी घोषित कर उनके जॉब चार्ट में अन्य विकास कार्यों को शामिल किया जाए। बेहतर मॉनिटरिंग के लिए उच्च गुणवत्ता वाले एंड्रॉयड मोबाइल फोन एवं डाटा रिचार्ज उपलब्ध कराने, परिवार के सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा कवच की व्यवस्था करने तथा ग्रामीण विकास योजनाओं में उनकी भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने की मांग भी की गई है। एसोसिएशन का आरोप है कि प्रदेश के कई जनपदों में रोजगार सेवकों का 12 से 14 माह का मानदेय बकाया है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो 1 जुलाई को विधानसभा घेराव समेत प्रदेशव्यापी प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस मौके पर जिला महामंत्री राकेश देहाती, राकेश तिवारी, शिव प्रताप मौर्य, राजेश मौर्य, सज्जन वर्मा, महेन्द्र शुक्ला, शैलेन्द्र, अकरम खान, आशीष सिंह, लालू यादव, सोनवीर, राजिश तिवारी, जितेन्द्र पटेल, अजीत प्रताप भी मौजूद रहे।

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