सिउटा (स्पेन)। बेहतर जीवन और रोजगार की तलाश में यूरोप पहुंचने की कोशिश कर रहे हजारों प्रवासियों के लिए गुरुवार का दिन दर्दनाक साबित हुआ। स्पेन के स्वायत्त शहर सिउटा की सीमा पर मोरक्को से बड़ी संख्या में पहुंचे प्रवासियों के बीच मची भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि स्पेन और मोरक्को के 100 से अधिक सुरक्षाकर्मी घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 3,000 प्रवासियों ने समुद्र और जमीनी रास्ते से एक साथ सिउटा में प्रवेश करने की कोशिश की। अचानक बढ़ी भीड़ के कारण सीमा पर अफरा-तफरी मच गई। संकरे रास्तों और सुरक्षा घेराबंदी के बीच लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े। कई लोगों की दम घुटने, दबने और समुद्र में डूबने से मौत हो गई।
यूरोप पहुंचने का सबसे अहम रास्ता है सिउटा
सिउटा भौगोलिक रूप से अफ्रीका में स्थित है, लेकिन यह स्पेन और यूरोपीय संघ (EU) का हिस्सा है। यही वजह है कि अफ्रीकी और एशियाई देशों के हजारों प्रवासी हर साल इस रास्ते से यूरोप में प्रवेश करने की कोशिश करते हैं।
सिउटा और मेलिला ऐसे दो शहर हैं जहां अफ्रीका और यूरोप की सीधी जमीनी सीमा मिलती है। बेहतर रोजगार, शिक्षा और सुरक्षित भविष्य की उम्मीद में बड़ी संख्या में लोग इन्हीं सीमाओं से यूरोप पहुंचने का प्रयास करते हैं।
सीमा पर बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना के बाद स्पेन सरकार ने सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती के साथ हवाई और समुद्री निगरानी भी बढ़ा दी गई है। समुद्र के रास्ते आने वाले प्रवासियों पर नजर रखने के लिए गोताखोरों की विशेष टीमों को भी तैनात किया गया है। वहीं, यूरोपीय संघ ने भी स्पेन को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिया है।
सिउटा और मेलिला को लेकर पुराना विवाद
सिउटा और मेलिला को लेकर स्पेन और मोरक्को के बीच लंबे समय से विवाद बना हुआ है। मोरक्को इन दोनों शहरों पर अपना दावा करता है, जबकि स्पेन का कहना है कि सदियों से ये उसके प्रशासनिक नियंत्रण में हैं और यहां के अधिकांश निवासी स्वयं को स्पेनिश नागरिक मानते हैं।
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