अयोध्या । श्री रामचन्द्र जी की पावन जन्मभूमि पर युगधारा फाउंडेशन के वार्षिक सम्मेलन “अभिव्यक्ति 2026 ” का छः सत्रों में ऐतिहासिक आयोजन तपस्वी छावनी के रामलला कथा मंडप में सफलता पूर्वक संपन्न हुआ l
कार्यक्रम का प्रारम्भ वाग्देवी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ l इसके बाद सरस्वती वन्दना नीरू गुप्ता मोहिनी ने प्रस्तुत की l उद्घाटन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भरत नाट्यम में गणेश वन्दना की नृत्य प्रस्तुति रही l
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता सीधी, मध्यप्रदेश से पधारे डॉ श्रीनिवास शुक्ल सरस ने की, मुख्य अतिथि के रामलला पैलेस के आचार्य परम आदरणीय
ब्रह्मदास महाराज जी रहे l विशिष्ट अतिथि के रूप में कानपुर के डी ए वी कॉलेज के विभागाध्यक्ष डॉ राजेश तिवारी विरल, लखनऊ के प्रो विश्वंभर शुक्ल, देहरादून के शिव मोहन सिंह , मुंबई के डॉ कृपा शंकर मिश्र उपस्थित रहे l
आचार्य ब्रह्मदास महाराज ने आशीर्वचन में संस्था के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से भारतीय संस्कृति और साहित्य का संरक्षण होगा और समाज को सही दिशा मिलेगी l अन्य वक्ताओं ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए l सत्र का कुशल संचालन नागपुर के डॉ रामकृष्ण वि सहस्रबुदधे ने किया l
कार्यक्रम के दूसरे सत्र की अध्यक्षता शिव मोहन सिंह ने की l मुख्य अतिथि थे डॉ राजेश तिवारी विरल रहे l इस अवसर पर लखनऊ के डॉ नरेश चंद्र त्रिपाठी ने लोकसहित्य और लोक संस्कृति पर चर्चा की , मुम्बई के डॉ उमेश चंद्र शुक्ल ने आदिवासी समाज की संस्कृति को बचाने की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए, वहीं डॉ रामकृष्ण वि सहस्रबुदधे ने साहित्य, समाज और संस्कृति की चर्चा करते हुए सृजन के सतत मूल्यांकन की आवश्यकता पर बल दिया l सत्र का कुशल संचालन अर्चना झा ने किया l तीसरे सत्र में संस्था की पत्रिका युगधारा के नवीन अंक का लोकार्पण हुआ, साथ ही विभिन्न 6 राज्यों से उपस्थित रचनाकारों की 14 साहित्यिक कृतियां भी लोकार्पित हुईं l लेखकीय अभिमत के अतिरिक्त इन पुस्तकों पर विभिन्न वक्ताओं ने अपना मत व्यक्त किया l कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ शिवमोहन सिंह ने की जबकि मुख्य अतिथि प्रो विश्वम्भर शुक्ल रहे l सत्र का संचालन पवन शर्मा ने किया l
कार्यक्रम के पंचम सत्र में संस्था के सर्वोच्च साहित्य शिरोमणि सम्मान से नागपुर के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ रामकृष्ण वि सहस्रबुदधे और लखनऊ की डॉ करुणा पांडेय को सम्मानित किया गया l गोस्वामी तुलसी दास सम्मान डॉ इंदु अग्रवाल
और पं प्रताप नारायण मिश्र सम्मान डॉ राजेश तिवारी विरल को प्रदान किया गया l इसके अतिरिक्त विभिन्न राज्यों से पधारे साहित्यकारों को राशिगत और अराशिगत सम्मान और पुरस्कार प्रदान किए गए l इस सत्र की अध्यक्षता डॉ श्री निवास शुक्ल सरस ने की l मुख्य अतिथि के रूप में प्रो विश्वंभर शुक्ल के अतिरिक्त विशिष्ट अतिथि सर्वश्री अनिल अग्रवाल, डॉ शिव मोहन सिंह, डॉ सहस्रबुद्धे उपस्थित रहे l कार्यक्रम का संचालन महासचिव सौम्या मिश्रा अनुश्री ने किया l इसी के साथ अगले सत्र में भारतवर्ष के विविध राज्यों से आए 60 साहित्यकारों ने अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में प्रतिभाग करते हुए अपने अप्रतिम काव्य पाठ प्रस्तुत किया जिनमें विशिष्ट अतिथि निडर जौनपुरी, बीकानेर से रवि शुक्ल कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ इंदु अग्रवाल आदि उपस्थित रहे साथ ही कवि सम्मेलन का सफल संचालन जनार्दन पाण्डेय ने किया।
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