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भारत को मिला तीसरा चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ एनएस राजा सुब्रमणि संभालेंगे जिम्मेदारी

रिटायर लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि देश के अगले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) होंगे। केंद्र ने शनिवार को इसका ऐलान किया। सुब्रमणि रक्षा मामलों के विभाग के सचिव की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। सरकार ने वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को अगला नौसेना प्रमुख नियुक्त किया है। दोनों 31 मई को कार्यभार संभालेंगे। मौजूदा CDS अनिल चौहान का कार्यकाल 30 मई को खत्म हो रहा है। एनएस राजा सुब्रमणि देश के तीसरे CDS होंगे।

पढ़ाई और प्रशिक्षण: एनएस राजा सुब्रमणि ने दिसंबर 1985 में गढ़वाल राइफल्स से सेना में कमीशन लिया था। उन्होंने नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA) से सैन्य प्रशिक्षण हासिल किया। इसके बाद वे ब्रिटेन के ब्रैकनेल स्थित जॉइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज भी गए। भारत लौटने के बाद उन्हें माउंटेन ब्रिगेड में ब्रिगेड मेजर की जिम्मेदारी दी गई। बाद में उन्होंने दिल्ली के नेशनल डिफेंस कॉलेज से पढ़ाई की। उनके पास लंदन के किंग्स कॉलेज से मास्टर ऑफ आर्ट्स और मद्रास यूनिवर्सिटी से डिफेंस स्टडीज में एमफिल की डिग्री भी है।

आर्मी में सर्विस: सुब्रमणि वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं। यह पद उन्होंने सितंबर 2025 से संभाला हुआ है। इससे पहले उन्होंने जुलाई 2024 से जुलाई 2025 के बीच सेना उप-प्रमुख के रूप में कार्य किया था। 35 साल से ज्यादा लंबे सैन्य करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनल और रणनीतिक पदों पर कार्य किया है।

  • सेंट्रल कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रहे।
  • नॉर्दर्न कमांड के चीफ ऑफ स्टाफ रहे।
  • II कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग रहे।
  • मिलिट्री इंटेलिजेंस के डिप्टी डायरेक्टर जनरल रहे।
  • डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन में चीफ इंस्ट्रक्टर रहे।
  • जम्मू-कश्मीर के सांबा में 168 इन्फैंट्री ब्रिगेड की कमान संभाली।
  • परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, सेना मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है।

1987 में नौसेना का हिस्सा बने थे स्वामीनाथन

पढ़ाई और परिक्षण: वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को 1 जुलाई 1987 को भारतीय नौसेना में कमीशन मिला था। वे कम्युनिकेशन और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर के एक्सपर्ट हैं। उन्होंने NDA, ब्रिटेन के जॉइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, कॉलेज ऑफ नेवल वॉरफेयर और अमेरिका के यूएस नेवल वॉर कॉलेज से पढ़ाई की है।

आर्मी में सर्विस: अपने नौसैनिक करियर में कृष्णा स्वामीनाथन ने INS Vidyut, INS Vinash, INS Kulish और INS Mysore जैसे वॉरशीप की कमान संभाली। वे एयरक्राफ्ट कैरियर INS Vikramaditya के कमांडिंग ऑफिसर भी रह चुके हैं। कृष्णा स्वामीनाथन को परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM), अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से सम्मानित किया जा चुका है।

कृष्णा स्वामीनाथन ने इंडियन नेवल सेफ्टी टीम की स्थापना में अहम भूमिका निभाई थी, जो नौसेना की ऑपरेशनल सुरक्षा व्यवस्था देखती है।
कृष्णा स्वामीनाथन ने इंडियन नेवल सेफ्टी टीम की स्थापना में अहम भूमिका निभाई थी, जो नौसेना की ऑपरेशनल सुरक्षा व्यवस्था देखती है।

क्या होता है चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ

  • चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) देश की तीनों सेना यानी आर्मी, नेवी और एयरफोर्स के बीच तालमेल बनाने वाला सबसे सीनियर मिलिट्री ऑफिसर होता है। यह चार-स्टार रैंक का पद है। CDS, चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (CoSC) का स्थायी चेयरमैन और रक्षा मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स (DMA) का प्रमुख भी होता है।
  • इस पद का मकसद तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय बनाना, संयुक्त सैन्य रणनीति तैयार करना और रक्षा मामलों में फैसले लेने की प्रक्रिया को तेज करना है। दिसंबर 2019 में यह पद बनाया गया था। बिपिन रावत देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ थे।
  • CDS सरकार और रक्षा मंत्रालय को सैन्य मामलों में सलाह देता है। वह सैन्य खरीद, लॉजिस्टिक्स, संयुक्त ऑपरेशन, साइबर और स्पेस से जुड़े समन्वय पर भी काम करता है। न्यूक्लियर कमांड अथॉरिटी में भी CDS की अहम भूमिका होती है।
  • अब तक दो सीडीएस बन चुके हैं। पहले सीडीएस बिपिन रावत 2019 में बने थे। उसके बाद अनिल चौहान को 2022 में यह जवाबदारी मिली।

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और तीनों सेना प्रमुखों की भूमिकाओं में अंतर?

CDS तीनों सेनाओं का ऑपरेशनल प्रमुख नहीं होता। आर्मी, नेवी और एयरफोर्स की कमान उनके अपने-अपने प्रमुखों के पास ही रहती है। CDS सीधे सैन्य आदेश जारी नहीं करता, बल्कि तीनों सेनाओं और सरकार के बीच समन्वय की भूमिका निभाता है। आर्मी, नेवी या एयरफोर्स को सैन्य कमांड देने का काम कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की सलाह पर उनके प्रमुख ही करते हैं।

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