फतेहपुर। बैजामा मामले में मुकदमे की धमकी देकर उससे बचाने के नाम पर एक लाख रुपये की कथित रिश्वत मांगना खागा तहसील के सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में तैनात कनिष्ठ सहायक को भारी पड़ गया। शिकायत पर सक्रिय हुई एंटी करप्शन टीम ने मंगलवार को जाल बिछाकर कनिष्ठ सहायक राहुल कुमार बौद्ध को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से तहसील परिसर में हड़कंप मच गया।
मामला संग्रामपुर सानी निवासी भीम सिंह पुत्र स्वर्गीय वैजनाथ सिंह की शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने 8 अगस्त को एंटी करप्शन थाना प्रयागराज में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि 17 जून को कराए गए बैनामे के संबंध में झूठे तथ्य दिखाकर मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी जा रही थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, मुकदमे की कार्रवाई से बचाने के नाम पर उससे एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।
शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने मामले की जांच और शिकायत का सत्यापन कराया। आरोपों की पुष्टि होने के बाद आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए ट्रैप की कार्रवाई की योजना बनाई गई।
इसके बाद 13 सदस्यीय टीम मंगलवार को खागा स्थित सब-रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंची और पूरी कार्रवाई को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया। लोकसेवक गवाहों और ट्रैप टीम की मौजूदगी में जैसे ही शिकायतकर्ता ने कथित रिश्वत की रकम आरोपी कनिष्ठ सहायक राहुल कुमार बौद्ध को दी, टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान राहुल कुमार बौद्ध पुत्र स्वर्गीय रामलखन बौद्ध, निवासी जनपद प्रतापगढ़ के रूप में हुई है। कार्रवाई के बाद एंटी करप्शन टीम आरोपी को हिरासत में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई के लिए अपने साथ ले गई।
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