फतेहपुर। जिले में विकास कार्यों की गुणवत्ता और गोवंशों की देखभाल को लेकर जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स एक्शन मोड में नजर आईं। मंगलवार को उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीणा के साथ बिंदकी तहसील के ग्राम पंचायत खेरीला सिजौली स्थित प्राचीन पाशी बाबा मंदिर परिसर में पर्यटन विभाग द्वारा कराए जा रहे निर्माणाधीन भवन का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और वित्तीय स्वीकृति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने प्रोजेक्ट मैनेजर से निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांच के संबंध में जानकारी ली। बताया गया कि सामग्री की जांच आईआईटी कानपुर से कराई गई है। इस पर जिलाधिकारी ने जांच रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए।
इसके बाद जिलाधिकारी ने मलवां ब्लॉक के मरहरा गांव स्थित गो-आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने गोवंशों के लिए हरे चारे, भूसा, दाना, चोकर, सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, विजिटिंग रजिस्टर और अन्य अभिलेखों की जांच करते हुए व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
डीएम ने प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि सभी गोवंशों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और शत-प्रतिशत टीकाकरण समय पर कराया जाए। बरसात के मौसम को देखते हुए गोवंशों को बारिश से सुरक्षित रखने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम तत्काल पूरे कराने के निर्देश खंड विकास अधिकारी को दिए।
उन्होंने कहा कि गौशाला में हरे चारे की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्र की पशुचर भूमि को गौशाला से संबद्ध कर वहीं हरे चारे की बुवाई कराई जाए, जिससे गो-आश्रय स्थल को चारे के लिए बाहरी संसाधनों पर कम निर्भर रहना पड़े।
निरीक्षण के दौरान खंड विकास अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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