फतेहपुर। सेवा संकल्प अभियान के तहत सोमवार को विद्यार्थी चौराहा स्थित आरके हॉस्पिटल में टीबी मरीजों के लिए पोषण आहार वितरण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अशोक कुमार की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में हॉस्पिटल संचालक डॉ. रवि आनंद ने पांच टीबी मरीजों को पोषण आहार वितरित किया। टीबी उन्मूलन अभियान में सहयोग के लिए डॉ. रवि आनंद को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम के दौरान ओपीडी में पहुंचे मरीजों को टीबी के लक्षण, जांच और उपचार के प्रति जागरूक किया गया। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक लगातार खांसी रहना, बुखार आना, रात में पसीना आना, बलगम या बलगम के साथ खून आना, सीने में दर्द, वजन कम होना, भूख न लगना तथा गर्दन में गिल्टी या गांठ जैसे लक्षण टीबी के संकेत हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाकर बलगम की जांच करानी चाहिए। जांच में टीबी की पुष्टि होने पर सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से नि:शुल्क उपचार शुरू कराया जा सकता है।
डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि भारत सरकार की ओर से प्रत्येक टीबी मरीज को उपचार के दौरान पोषण आहार के लिए प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता दी जाती है। एसटीएस अजीत सिंह और पीपीएम राकेश कुमार ने बताया कि निक्षय पोषण योजना का लाभ लेने के लिए अब फेस वेरिफिकेशन अनिवार्य किया गया है। फेस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पोषण सहायता की धनराशि लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है।
कार्यक्रम में टीबी मरीजों को समय पर जांच कराने, नियमित रूप से दवा लेने और उपचार बीच में न छोड़ने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही लोगों से टीबी के लक्षणों को नजरअंदाज न करने और समय रहते स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराने की अपील की गई।
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