फतेहपुर। जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। हाथ की हड्डी टूटने का दावा करने वाले एक गरीब मरीज ने इलाज में लापरवाही और ऑपरेशन के नाम पर 15 हजार रुपये खर्च बताए जाने का आरोप लगाते हुए बेहतर उपचार की गुहार लगाई है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
खागा तहसील क्षेत्र में रेलवे लाइन के पास रहने वाले पीड़ित मरीज के अनुसार, हाथ में गंभीर चोट लगने के बाद वह जिला अस्पताल की इमरजेंसी में इलाज कराने पहुंचा था। उसका आरोप है कि इमरजेंसी में केवल प्राथमिक पट्टी बांधकर उसे ऑपरेशन की जरूरत बताई गई और इसके लिए करीब 15 हजार रुपये खर्च होने की बात कही गई।
आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण वह इलाज कराने में असमर्थ रहा और निराश होकर अस्पताल से बाहर निकल आया। अस्पताल परिसर के बाहर उसकी मुलाकात उद्योग व्यापार मंडल के संस्थापक अध्यक्ष किशन मेहरोत्रा से हुई। पीड़ित ने उन्हें अपनी आपबीती सुनाई और बेहतर इलाज दिलाने की गुहार लगाई।
मामले की जानकारी मिलने के बाद किशन मेहरोत्रा ने जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अस्पताल में सुविधाओं की कमी साफ दिखाई देती है। उनका कहना था कि अस्पताल की व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए शासन-प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और मरीजों के लिए एक बड़ा हॉल बनाया जाए तथा पूरी व्यवस्था सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में संचालित हो, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।
बताया गया कि पीड़ित मरीज ने सोमवार को किशन मेहरोत्रा की मौजूदगी में बेहतर उपचार उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
वहीं, इस संबंध में जिला अस्पताल प्रशासन का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। यदि अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया आती है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
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