महोबा। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण व जनपद न्यायाधीश के निर्देश पर शहर के ज्ञानस्थली पब्लिक स्कूल, राजकीय इंटर कालेज सहित अन्य विद्यालयों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्र छात्राओं को पाक्सो एक्ट, यौन अपराधों के संरक्षण के बनाए गए कानून के बावत जानकारी दी गई साथ ही लैगिक अपराधों से रक्षा कैसे करे के प्रति जागरूक किया गया।
ज्ञानस्थली पब्लिक स्कूल में कार्यक्रम की अध्यक्षता सिविल जज सीनियर डिविजन एफटीसी प्रज्ञा सिंह ने बताया कि पॉक्सो एक्ट 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण देने के लिए बनाया गया विशेष कानून है, जिसमे बच्चों को यौन शोषण और लैंगिक अपराधों से बचाने व अपराध होने पर बच्चे की सुरक्षा और गरिमा के लिए विशेष न्यायालय की व्यवस्था की गयी है। विद्यालय की प्रधानाचार्या पुनीता तिवारी ने पीओसीएसओ की व्यवस्था के अंतर्गत बच्चे के अलावा कोई भी व्यक्ति, जिसे अपराध की जानकारी हो या ऐसा अपराध होने की आशंका हो, निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार इसकी सूचना पुलिस, विशेष किशोर पुलिस इकाई को दे सकता है।
राजकीय इंटर कालेज में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता सिविल जज जूनियर डिविजन सीएलडब्ल्यू सिद्धिनाथ सेंगर ने की। उन्होंने बताया कि पीओसीएसओ मामलों के शीघ्र और संवेदनशील निपटारे के लिए विशेष न्यायालय का प्रावधान है। कहा कि कार्रवाई का उद्देश्य बच्चे को अनावश्यक मानसिक परेशानी से बचाना और न्यायिक प्रक्रिया बच्चों के अनुकूल रखना है। कार्यक्रम में कॉलेज के प्राचार्य देवेन्द्र कुमार ने बच्चों में विधिक जागरूकता बढायें जाने के लिए महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पीओसीएसओ लिंग-निरपेक्ष कानून है, इसके अंतर्गत लड़के और लड़कियां दोनों बच्चे के रूप में संरक्षित हैं। इन मामलों में बच्चे की पहचान सार्वजनिक करना प्रतिबंधित है। इसके अतिरिक्त भी उच्च प्राथमिक विद्यालय नवीन बजरिया में पराविधिक स्वयं सेवक नित्य किशोर सोनी की अध्यक्षता में पॉक्सो अधिनियम 2012 के बारें में जानकारी दी गई। इसी प्रकार पॉक्सो जागरूकता संबन्धी एक कार्यक्रम मल्टी स्टोरी उच्चतर प्राथमिक विद्यालय काशीराम कालोनी में स्वयं सेवक राघवेंद्र सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यक्रम दौरानस्वयं सेवक रिजवाना, कलीम उल्ला खां आदि लोग उपस्थित रही।

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