महोबा। आल्हा चौक स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में अखिल भारतीय साहित्य परिषद महोबा के तत्वावधान में लोक साहित्य एवं लोक संस्कृति को समर्पित लोक मंथन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्यकारों, लोकगीत गायकों और विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों से लोक संस्कृति की समृद्ध परंपरा को जीवंत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अखिल भारतीय साहित्य परिषद के प्रदेश महामंत्री महेश पाण्डेय बजरंग, पूर्व प्रधानाचार्य शिव कुमार गोस्वामी, विद्यालय के प्रधानाचार्य कमलेश सिंह और परिषद के जिलाध्यक्ष पंडित जग प्रसाद तिवारी ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित एवं पुष्पार्चन कर किया। इसके बाद विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
संस्कृति निदेशालय उत्तर प्रदेश के सदस्य एवं संगीताचार्य पंडित जग प्रसाद तिवारी ने ‘दीनानाथ हमारे कब मिल हौ’ कार्तिक गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। वहीं लोकगीत गायिका अर्चना पटेरिया ने अपनी सुरीली आवाज से कार्यक्रम में लोकगीतों की छटा बिखेरी। जितेंद्र चौरसिया ने आल्हा गायन के माध्यम से बुंदेली लोक परंपरा की शानदार प्रस्तुति दी।
मुख्य अतिथि महेश पाण्डेय ने कहा कि अखिल भारतीय साहित्य परिषद देशभर में हिंदी साहित्य के प्रचार-प्रसार के साथ लोक साहित्य और लोक संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि आगामी 4, 5 और 6 दिसंबर को जयपुर में अंतरराष्ट्रीय लोक मंथन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
विद्यालय के प्रधानाचार्य कमलेश सिंह और समाजसेवी शिव कुमार गोस्वामी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि लोक साहित्य और लोक संस्कृति समाज की पहचान हैं। इनके संरक्षण और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
कार्यक्रम में नगर के प्रसिद्ध साहित्यकार संतोष द्विवेदी विगुल, हरिश्चंद्र वर्मा, गिरीश कुमार सक्सेना, राकेश पटेरिया और श्याम बिहारी निगम सहित अन्य कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से साहित्यिक वातावरण को जीवंत बनाया।
अंत में परिषद के जिलाध्यक्ष पंडित जग प्रसाद तिवारी ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन परिषद के जिला महामंत्री एडवोकेट प्रमोद कुमार सक्सेना ने किया।
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