न्यूज़ वाणी ब्यूरो, बांदा। जनपद के ग्राम गोखरही में अनुसूचित जाति के 20 पट्टेदारों ने अपनी आवंटित कृषि भूमि पर कब्जा दिलाने की मांग को लेकर जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्व अभिलेखों में उनके नाम दर्ज होने के बावजूद वे अपनी जमीन पर खेती नहीं कर पा रहे हैं।
प्रार्थियों गरीबदास, लक्ष्मी, रामऔतार, भोलिया, गंगाराम सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2007 में गाटा संख्या 145 मि. और 454 मि. में कुल 20 लोगों को सीलिंग के तहत कृषि योग्य भूमि के पट्टे आवंटित किए गए थे। इसके बाद उक्त भूमि को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया और विपक्षियों ने धारा 39 के तहत कमिश्नर न्यायालय में वाद दायर किया।
ग्रामीणों के अनुसार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, बांदा ने 20 अप्रैल 2018 को विपक्षियों का दावा खारिज करते हुए 20 पट्टेदारों के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने का आदेश दिया था। उनका कहना है कि वर्तमान में भी राजस्व रिकॉर्ड में उनके नाम दर्ज हैं। इसके अलावा उन्हें किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है और उनके किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) भी बने हुए हैं।
इसके बावजूद पट्टेदारों का आरोप है कि उन्हें जमीन पर वास्तविक कब्जा नहीं मिल पाया है। मामले में विपक्षियों की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में सिविल रिट याचिका संख्या 27751/2018 दाखिल की गई है, जो अभी विचाराधीन है।
फसल को लेकर भी जताई चिंता
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि उन्हें उनकी आवंटित भूमि पर कब्जा दिलाया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि जब तक न्यायालय में मामला विचाराधीन है, तब तक विवादित भूमि पर दोनों पक्षों को फसल लेने से रोका जाए, ताकि किसी तरह का नया विवाद उत्पन्न न हो।
पीड़ित पट्टेदारों ने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।
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