लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में सोमवार सुबह नर्सिंग छात्रों ने साथी छात्रा की मौत के बाद प्रदर्शन शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में छात्र नर्सिंग विभाग में पहुंचे और घेराव कर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने ‘वी वांट जस्टिस’ के नारे लगाए।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों के मुताबिक, 2025 बैच की नर्सिंग छात्रा दिव्यांशी यादव की कई दिनों से तबीयत खराब थी। छात्रों का आरोप है कि उसे डेंगू होने के बावजूद छुट्टी नहीं दी गई। बाद में इलाज के लिए उसे वाराणसी ले जाया गया, जहां तीन दिन पहले उसकी मौत हो गई।
छात्रा की मौत की जानकारी सामने आने के बाद नर्सिंग छात्रों में नाराजगी बढ़ गई। प्रदर्शनकारी छात्रों ने मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि छात्रों की बीमारी और स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों को लेकर नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।
विभाग के बाहर धरने पर बैठे छात्र
सोमवार सुबह बड़ी संख्या में नर्सिंग छात्र विभाग के बाहर एकत्र हुए। छात्रों ने विभाग का घेराव किया और धरने पर बैठकर अपनी मांगें उठाईं। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने नारेबाजी करते हुए मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
मौके पर नर्सिंग डीन समेत KGMU के कई वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मांगों पर कार्रवाई की मांग करते रहे।

छुट्टी को लेकर उठे सवाल
छात्रों का मुख्य आरोप दिव्यांशी यादव की बीमारी के दौरान छुट्टी नहीं दिए जाने को लेकर है। प्रदर्शनकारी छात्रों के अनुसार, तबीयत खराब होने के बावजूद छात्रा को छुट्टी नहीं मिली और बाद में उसकी हालत गंभीर होने पर उसे इलाज के लिए वाराणसी ले जाना पड़ा।
छात्रों का कहना है कि यदि कोई विद्यार्थी गंभीर रूप से बीमार है तो उसकी स्वास्थ्य स्थिति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर छात्रों ने प्रशासन के सामने अपनी नाराजगी जताई।
नियमों के पालन की मांग
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने नर्सिंग शिक्षा से जुड़े नियमों के पालन की मांग उठाई। उनका आरोप है कि इंडियन नर्सिंग काउंसिल के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है और छात्रों के साथ मनमानी की जा रही है।
छात्रों का कहना है कि ऐसी स्थिति में विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच की जाए और यदि किसी स्तर पर नियमों की अनदेखी या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए।
छात्रों ने मांगी निष्पक्ष जांच
दिव्यांशी यादव की मौत के बाद छात्रों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। प्रदर्शनकारी यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि छात्रा की बीमारी के दौरान क्या परिस्थितियां थीं, छुट्टी को लेकर क्या निर्णय लिया गया और इलाज के लिए उसे कब और किन परिस्थितियों में वाराणसी ले जाया गया।
छात्रों का कहना है कि जांच के बाद ही जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने भविष्य में बीमार विद्यार्थियों से जुड़े मामलों में स्पष्ट व्यवस्था लागू करने की मांग भी उठाई।
प्रशासन से बातचीत का दौर जारी
प्रदर्शन के दौरान KGMU के वरिष्ठ अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत की। अधिकारियों की ओर से छात्रों को समझाने का प्रयास किया गया, जबकि छात्र अपनी मांगों पर कार्रवाई की बात पर कायम रहे।
फिलहाल छात्रा की मौत को लेकर छात्रों की ओर से लगाए गए आरोपों पर संबंधित प्रशासनिक पक्ष की विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। मामले में जांच या प्रशासन की ओर से आगे कोई निर्णय होने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
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