फतेहपुर। आगामी विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की सत्ता में बदलाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी के समर्थन में भारतीय मुस्लिम मंच ने अपनी राजनीतिक मुहिम तेज कर दी है। मंच के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. मुमताज आलम रिजवी ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी को यदि कोई पराजित कर सकता है और प्रदेश में सत्ता परिवर्तन ला सकता है, तो वह बसपा सुप्रीमो एवं पूर्व मुख्यमंत्री कुमारी मायावती हैं।
भारतीय मुस्लिम मंच के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. रिजवी के जनपद आगमन पर जिला प्रभारी कारी वसीम दानिश सिद्दीकी के नेतृत्व में उनका स्वागत किया गया। लखनऊ, प्रयागराज, हापुड़, बुलंदशहर और अलीगढ़ में अपनी मुहिम को आगे बढ़ाने के बाद वह कौशांबी पहुंचे।
डॉ. रिजवी ने कहा कि प्रदेश में यह धारणा बना दी गई है कि मुस्लिम समाज समाजवादी पार्टी के साथ है और बसपा के साथ नहीं है। जबकि सवाल यह है कि मुस्लिम समाज बसपा के साथ क्यों नहीं है, जबकि मायावती सरकार के कार्यकाल में अल्पसंख्यक समाज के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए थे।
उन्होंने बताया कि मायावती सरकार में हज हाउस का निर्माण, अल्पसंख्यक आयोग और अल्पसंख्यक वित्त विकास निगम का गठन, मुस्लिम छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति, 350 मदरसों का सरकारीकरण, सात हजार उर्दू शिक्षकों की भर्ती तथा उर्दू अनुवादकों के रिक्त पदों पर नियुक्तियां कराई गई थीं।
भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए डॉ. रिजवी ने कहा कि प्रदेश में बुलडोजर और बुलेट के अलावा विकास कार्यों की स्थिति पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कानून-व्यवस्था की स्थिति संतोषजनक नहीं है और सरकारी योजनाओं में अनियमितताओं की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
डॉ. रिजवी ने कहा कि उनका लक्ष्य 2027 में कुमारी मायावती को उत्तर प्रदेश का पांचवीं बार मुख्यमंत्री और 2029 में देश का प्रधानमंत्री बनाना है।
इस मौके पर कारी वसीम, दानिश सिद्दीकी, गुलशेर अहमद, फिरोज सिद्दीकी उर्फ भाईजान, कयामुल हसन, मोहम्मद आसिफ एडवोकेट, रंजीत कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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