फतेहपुर। आलू उत्पादक किसानों को बाजार में भाव गिरने और शीतगृह में भंडारण के खर्च से राहत देने के लिए उद्यान विभाग ने दो महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की हैं। जिला उद्यान अधिकारी डॉ. रमेश पाठक ने बताया कि भावांतर मूल्य स्थिरीकरण कोष तथा निजी शीतगृहों में भंडारित आलू पर अनुदान की योजनाओं का पोर्टल शुरू हो गया है।
भावांतर मूल्य स्थिरीकरण कोष के तहत पात्र आलू किसानों को अधिकतम दो हेक्टेयर तक के क्षेत्रफल पर लाभ मिलेगा। उत्पादन लागत और बिक्री दर के अंतर अथवा उत्पादन लागत के 25 प्रतिशत, जो कम होगा, उसके अनुसार अनुदान दिया जाएगा। योजना का लाभ एफएक्यू गुणवत्ता के 30 से 80 एमएम आकार वाले आलू पर मिलेगा। इसके लिए किसान का एग्री स्टैक पोर्टल पर पंजीकरण होना जरूरी है।
वहीं, निजी शीतगृहों में भंडारित आलू पर 100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अनुदान मिलेगा। इसमें प्रत्येक किसान को अधिकतम 200 रुपये प्रति क्विंटल प्रति हेक्टेयर तथा अधिकतम 20 हजार रुपये तक का लाभ अनुमन्य है। भंडारित आलू की मात्रा का निर्धारण शीतगृह द्वारा जारी रसीद के आधार पर किया जाएगा।
किसान दोनों योजनाओं का लाभ लेने के लिए पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ आधार कार्ड, बैंक पासबुक/चेकबुक, फोटोयुक्त पहचान पत्र और खसरा-खतौनी समेत आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
अधिक जानकारी के लिए किसान कार्यालय जिला उद्यान अधिकारी, विकास भवन के कमरा नंबर 139 में संपर्क कर सकते हैं।
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