बिल्हौर। ककवन थाना क्षेत्र के फत्तेपुर गांव निवासी 18 वर्षीय सौरभ पाल की अलीगढ़ में ट्रेन से गिरने के बाद हुई मौत को लेकर परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि गांव के ही तीन युवक नौकरी दिलाने का झांसा देकर सौरभ को अपने साथ ले गए थे और बाद में उसकी हत्या कर शव को चलती ट्रेन से फेंक दिया गया। मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया।
शुक्रवार शाम सौरभ का शव गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। शनिवार सुबह परिजन शव को घर पर रखकर आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिवार को समझाने का प्रयास किया।
नौकरी के बहाने घर से ले गए थे साथी
सौरभ के बड़े भाई रिशु पाल के मुताबिक, सौरभ कानपुर की एक फैक्ट्री में निजी नौकरी करता था, लेकिन करीब 20 दिन पहले उसने नौकरी छोड़ दी थी। मंगलवार को गांव के अतुल, अनुज और अर्जुन उसे नोएडा में नौकरी दिलाने की बात कहकर अपने साथ ले गए थे।
फोन पर जताया था जान का खतरा
परिजनों का आरोप है कि 6 अगस्त को सौरभ ने फोन कर बताया था कि उसके साथी उसे जबरन खाटू श्याम ले जा रहे हैं। उसने विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दिए जाने की बात भी कही थी। कुछ देर बाद सौरभ ने दोबारा फोन करके बताया कि उसे कुछ खिला दिया गया है, जिससे उसे चक्कर आ रहे हैं और उसे डर है कि साथी उसकी हत्या कर सकते हैं। इसके बाद फोन काट दिया गया।
साथियों के बयानों से परिजनों को हुआ शक
परिजनों का आरोप है कि सौरभ को रेलवे स्टेशन ले जाकर उसके साथ मारपीट की गई और बाद में चलती ट्रेन से अलीगढ़ के पास धक्का दे दिया गया। वहीं, साथियों ने परिवार को बताया कि सौरभ ने ट्रेन से कूदकर आत्महत्या कर ली।
परिजनों के मुताबिक, तीनों युवकों के बयानों में अंतर होने के कारण उन्हें घटना पर संदेह है। परिवार हत्या का मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच और आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है।
तीन युवक हिरासत में, पूछताछ जारी
घटना की जानकारी मिलने के बाद अलीगढ़ पुलिस ने तीनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। स्थानीय पुलिस भी परिजनों को समझाने में जुटी है। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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