लखनऊ। राजधानी लखनऊ में डेंगू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। जनवरी से 12 अक्टूबर 2026 तक जिले में डेंगू के 434 मरीजों की पुष्टि हुई है। सितंबर में सबसे ज्यादा 193 मामले सामने आए, जबकि अक्टूबर के शुरुआती 12 दिनों में ही 130 लोग डेंगू की चपेट में आ चुके हैं। स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है।
KGMU समेत चार अस्पतालों में डेंगू मरीजों के लिए अलग वार्ड
डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU), डॉ. राम मनोहर लोहिया संस्थान, बलरामपुर अस्पताल और सिविल अस्पताल में मरीजों के लिए अलग वार्ड बनाए गए हैं। सिविल अस्पताल में फिलहाल पांच डेंगू मरीज भर्ती हैं, जिनमें तीन बच्चे और दो पुरुष शामिल हैं। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, सभी मरीजों की हालत स्थिर है।
बुखार के साथ सिरदर्द और आंखों के पीछे दर्द की शिकायत
डेंगू से संक्रमित मरीजों में बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द और मांसपेशियों में दर्द जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। सिविल अस्पताल में डेंगू मरीजों के इलाज के लिए पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के लिए अलग-अलग बेड आरक्षित किए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तुरंत भर्ती किया जा सके।
बारिश के बाद बढ़ा मच्छरों का प्रकोप
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बारिश के बाद जगह-जगह जलभराव होने से मच्छरों के पनपने की आशंका बढ़ गई है। घरों में रखे कूलर, गमलों, छतों पर पड़े टायरों और अन्य बर्तनों में जमा साफ पानी डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के लार्वा का ठिकाना बन सकता है। विभाग की टीमें फॉगिंग और लार्वा की जांच कर रही हैं।
डेंगू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की सलाह
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनबी सिंह ने लोगों से घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील की है। उन्होंने मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनने और मच्छरदानी का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।
स्वास्थ्य विभाग ने यह भी कहा है कि बुखार आने पर खुद से दवा लेने से बचें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर डॉक्टर से परामर्श लें। समय पर जांच और उचित उपचार से बीमारी की गंभीरता को कम करने में मदद मिल सकती है।
लखनऊ में डेंगू के महीनेवार मामले
- जनवरी से 12 अक्टूबर: 434 मरीज
- अगस्त: 49 मरीज
- सितंबर: 193 मरीज
- 1 से 12 अक्टूबर: 130 मरीज
सितंबर और अक्टूबर में सामने आए मामलों से साफ है कि राजधानी में डेंगू का प्रकोप तेजी से बढ़ा है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने, जलभराव रोकने और डेंगू के लक्षण दिखने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत है।
News Wani
