फतेहपुर। हसवा कस्बे में ऐतिहासिक श्री स्वामी चंदादास रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित 10 दिवसीय रामलीला के नौवें दिन शुक्रवार की रात भगवान श्रीराम और भरत मिलाप के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में आसपास के श्रद्धालुओं ने भाग लिया। जगह-जगह भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता की पूजा-अर्चना कर फूल-मालाओं से स्वागत किया गया।
रामलीला मैदान को वन का स्वरूप दिया गया था। मैदान में एक आकर्षक रथ सजाया गया, जिसमें प्रभु श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और वीर हनुमान विराजमान हुए। वहीं अखिलेश श्रीवास्तव के घर को अयोध्या का स्वरूप दिया गया था, जहां दूसरा रथ सजाया गया। इस रथ में भरत और उनके छोटे भाई शत्रुघ्न विराजमान हुए।
दोनों रथ धीरे-धीरे गांव के विभिन्न मोहल्लों से होकर निकाले गए। भरत और शत्रुघ्न का रथ ठाकुर मोहल्ला पहुंचा। यहां राहुल सिंह, गोलू सिंह, श्रवण सिंह, छोटू सिंह सहित महिलाओं और बच्चों ने भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण की पूजा-अर्चना की। भोग लगाकर आरती उतारी गई। इसके अलावा चौधराना मोहल्ले में हेलो, अमृतलाल, रामचंद्र साहू सहित अन्य भक्तों ने प्रभु श्रीराम की पूजा-अर्चना की। अन्य स्थानों पर भी श्रद्धालुओं ने आरती कर भगवान का स्वागत किया।
शोभायात्रा ट्रांसफार्मर चौराहे के पास स्थित मंच पर पहुंची। यहां कमेटी के अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष उदयभान सिंह, कोषाध्यक्ष, महामंत्री सहित अन्य पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने बारी-बारी से भगवान की आरती उतारी।
मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीराम 14 वर्ष के वनवास के बाद अपने भाइयों भरत और शत्रुघ्न से मिले। इस भावुक मिलाप का दृश्य देखकर जहां भगवान श्रीराम और उनके भाई भावविभोर हो उठे, वहीं हजारों की संख्या में मौजूद श्रद्धालु भी अपने आंसू नहीं रोक सके। भरत मिलाप का यह दृश्य देखकर पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
इसके बाद भगवान श्रीराम अपने भाइयों के साथ एक बार फिर रथ पर सवार होकर रामलीला मैदान पहुंचे। यहां रामलीला मंच पर दोबारा आरती की गई और चारों ओर भगवान श्रीराम के जयकारे गूंज उठे।
शोभायात्रा के दौरान थरियांव सीओ दुर्गेश दीप, थरियांव थाना प्रभारी शमशेर बहादुर सिंह और हसवा चौकी इंचार्ज अमरीश मिश्रा पुलिस बल के साथ मुस्तैद रहे।
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