फतेहपुर। ईसीएचएस पॉलीक्लीनिक (सैनिक अस्पताल) के भवन निर्माण में जमीन से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर पूर्व सैनिकों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। पूर्व सैनिक उत्थान एवं लोक कल्याण समिति की मासिक बैठक में इस मामले को लेकर गहरी नाराजगी जताई गई। पूर्व सैनिकों ने स्पष्ट किया कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे भूख हड़ताल और आमरण अनशन करने के लिए मजबूर होंगे।
मास्टर वारंट ऑफिसर आरके विश्वकर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सबसे पहले ईसीएचएस पॉलीक्लीनिक भवन फतेहपुर का मुद्दा उठाया गया। समिति के अध्यक्ष विद्या भूषण तिवारी ने बताया कि सेना की जांच में सामने आया है कि सैनिक अस्पताल के लिए आवंटित जमीन पर भवन का निर्माण नहीं कराया गया, बल्कि कथित तौर पर कूड़ा फेंकने के लिए निर्धारित स्थान पर अस्पताल का निर्माण कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि इस मामले में संगठन जिलाधिकारी न्यायालय से भी मुकदमा जीत चुका है। न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि मिलिट्री लैंड रिकॉर्ड में दर्ज जमीन ही सैनिक अस्पताल की वास्तविक भूमि है, जबकि वर्तमान अस्पताल का निर्माण दूसरी जगह कराया गया है।
उन्होंने बताया कि नगर पालिका की ओर से जिलाधिकारी न्यायालय के फैसले के खिलाफ कमिश्नर न्यायालय प्रयागराज में निगरानी याचिका दाखिल की गई है।
समिति की महिला अध्यक्ष जागृति तिवारी ने जानकारी दी कि 3 नवंबर को सेना के अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया है। इस दौरान समिति अध्यक्ष विद्या भूषण तिवारी सभी कानूनी दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रखेंगे। वार्ता और सुनवाई के बाद होने वाले निर्णय की जानकारी 4 नवंबर को पूर्व सैनिकों को दी जाएगी।
पूर्व सैनिकों ने कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर भूख हड़ताल और आमरण अनशन का रास्ता भी अपनाया जाएगा।
इस अवसर पर भानु प्रताप सिंह, राजेश शुक्ला, राजकुमार तिवारी, बालकृष्ण अवस्थी, प्रेम सागर शुक्ला, सार्जेंट अनुज शर्मा, कमल पाल, देवेंद्र कुमार शुक्ला, रामराज अवस्थी, धर्मेंद्र पटेल, राधेश्याम गुप्ता और मेड़ी लाल सहित कई पूर्व सैनिक मौजूद रहे।
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