कानपुर। शारदीय नवरात्रि के पहले दिन रविवार को कानपुर और आसपास के क्षेत्रों के देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही मंदिरों में माता रानी के दर्शन और पूजन के लिए भक्त पहुंचने लगे। मंदिर परिसर मां के जयकारों से गूंज उठे। श्रद्धालुओं ने चुनरी, नारियल और प्रसाद चढ़ाकर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।
घाटमपुर स्थित प्रसिद्ध मां कूष्मांडा देवी मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। वहीं, बिरहाना रोड के तपेश्वरी मंदिर, जूही के बारह देवी मंदिर, कल्याणपुर के आशा देवी मंदिर और अन्य प्रमुख देवी स्थलों पर भी भक्तों की भीड़ रही।
मां कूष्मांडा मंदिर में मेयर ने किए दर्शन
नवरात्रि के पहले दिन कानपुर की महापौर प्रमिला पांडे घाटमपुर स्थित मां कूष्मांडा देवी मंदिर पहुंचीं। उन्होंने माता रानी के दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया। महापौर ने मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ और दर्शन की व्यवस्थाओं का भी उल्लेख किया।
मां कूष्मांडा देवी मंदिर क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। नवरात्रि के दौरान यहां आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। रविवार को मंदिर परिसर से लेकर मुख्य मार्ग तक भक्तों की लंबी कतारें दिखाई दीं। श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार करते हुए माता रानी के जयकारे लगाते रहे।
तपेश्वरी मंदिर में जलाए गए 506 मनौती के दीपक
बिरहाना रोड स्थित तपेश्वरी मंदिर में नवरात्रि के पहले दिन विशेष धार्मिक माहौल रहा। यहां माता के दर्शन के लिए सुबह से भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया था। मंदिर परिसर में लगभग 506 मनौती के दीपक जलाए गए, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने रहे।
मंदिर के पुजारी शिव मंगल के अनुसार, श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी होने पर दीपक जलाते हैं, चुनरी चढ़ाते हैं और माता का शृंगार कराते हैं। मनौती के दीपक पूरे नवरात्रि के दौरान नवमी तक प्रज्वलित रखे जाते हैं। इनकी देखभाल के लिए विशेष व्यवस्था की जाती है।
श्रद्धालुओं ने माता रानी के सामने माथा टेककर परिवार में सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। मंदिर में लगातार गूंजते जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
आशा देवी मंदिर में सुबह चार बजे से लगी कतार
कल्याणपुर के इंद्रा नगर स्थित मां आशा देवी मंदिर में सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। भक्तों की भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए बैरिकेडिंग की गई। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई, ताकि दर्शन के दौरान भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके।
जूही स्थित बारह देवी मंदिर और लाल बंगला तथा बंगाली मोहाल के काली मंदिरों में भी भक्तों ने पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने माता रानी को प्रसाद अर्पित कर अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना की।
पुरवामीर के कात्यायनी मंदिर में विशेष पूजा की तैयारी
पुरवामीर स्थित मां कात्यायनी मंदिर में भी नवरात्रि को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। मंदिर को रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया है। मंदिर के पुजारी सत्यम महाराज के अनुसार, नवरात्रि के दौरान सुबह और शाम आरती, पूजा-पाठ और प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई है।
मंदिर में शतचंडी यज्ञ का आयोजन भी किया जा रहा है। नवरात्रि के दौरान कन्या पूजन और विशाल भंडारे की तैयारी है। श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर माता रानी के दर्शन कर रहे हैं और परिवार की खुशहाली की कामना कर रहे हैं।
बिल्हौर के निषाठी देवी मंदिर में भी पहुंचे भक्त
बिल्हौर क्षेत्र के सुभानपुर स्थित निषाठी देवी मंदिर में भी सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ रही। नवरात्रि के अवसर पर भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और माता के जयकारे लगाए। इस प्राचीन मंदिर में दूर-दराज से श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं।
नवरात्रि के पहले दिन कानपुर के प्रमुख देवी मंदिरों में उमड़ी भीड़ ने शहर के धार्मिक माहौल को उत्सवमय बना दिया। मंदिरों में पूजा-अर्चना, आरती और जयकारों के बीच श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ माता रानी की आराधना करते नजर आए।
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