– लावारिस लाश के मुकदमे में फंसाने का भय दिखाकर चौकी इंचार्ज व सिपाहियों ने लिए रुपये
– अधिकरियों व नेताओं से नहीं मिला न्याय तो खटखटाया हाईकोर्ट से लगाई गुहार
– पीड़ित मनोज कुमार पासवान।
फतेहपुर। पुलिसिया उत्पीड़न का शिकार व्यक्ति अफसरों व नेताओ की चौखट से न्याय मांगते मांगते थक गया लेकिन उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नही हुई थक हार कर पीड़ित ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की शरण ली जहां उच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए दिये गये सबूतों के आधार पर डबल बेंच ने पुलिसया उत्पीड़न को सही मानते हुए जनपद के अफसरों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सदर कोतवाली के चौफेरवा निवासी मनोज कुमार पासवान पुत्र हेमराज ने बताया कि लगभग तीन वर्षों से गांव के ही खनन माफिया दिनेश के द्वारा उसके प्रति दुर्भावना रखते के कारण उसे उत्पीड़ित किया जा रहा है। खनन का कार्य करने वाले माफिया की थाने व चौकियो मे अच्छी पकड़ होने के चलते एक जनवरी 2026 को क्षेत्र में मिली एक लावारिस लाश के मामले में उसे फंसाने की कोशिश की गई जिसमें चौकी के सिपाही कुलदीप व मंगला प्रसाद ने उसके घर आकर गाली गलौच व जातिसूचक शब्दो का प्रयोग करते हुए अपमानित किया व बीस हज़ार रुपये भी वसूले लिए। वीडियो व आडियो रिकार्डिंग होने के बाद भी थाने चौकी व जिले के अफसरों तक से गुहार लगाई लेकिन दोषी पुलिस कर्मियों पर एफआईआर नही दर्ज की गई। बताया कि शिकायत से नाम हटाने के लिए पुलिस कर्मियों द्वारा उसे व पत्नी को बार बार डराया धमकाया जाता है। सीएम पोर्टल व डिप्टी सीएम को भी शिकायत भेजी लेकिन हर बार पोर्टल पर पुलिस की ओर से ग़लत जवाब अपडेट किया गया। थक हार कर वह इलाहाबाद हाईकोर्ट की शरण मे गये जहां अधिवक्ता अभिनव मिश्रा व संतोष शुक्ला के तर्कों को सुनने के बाद जस्टिस जेजे मुनीर व जस्टिस तरुण सक्सेना की डबल बेंच ने पुलिस अधिकरियों को नोटिस जारी कर आठ जुलाई तक जवाब मांगा है। वही पीड़ित मनोज कुमार पासवान ने ने बताया कि जब तक दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई नही होती उनका संषर्ष जारी रहेगा।

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