दिल्ली: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की आय को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि भारत की प्रति व्यक्ति आय अब बांग्लादेश से भी पीछे चली गई है, जो देश की आर्थिक स्थिति पर गंभीर चिंता का विषय है।
केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि सरकार ने देश को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने और तेज आर्थिक विकास के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम जनता की आय में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है और महंगाई के दबाव के बीच लोगों का जीवन स्तर प्रभावित हुआ है।
उन्होंने आगे कहा कि किसी भी देश की आर्थिक प्रगति का सही आकलन केवल जीडीपी के आंकड़ों से नहीं, बल्कि प्रति व्यक्ति आय, रोजगार के अवसर और आम नागरिकों की जीवन गुणवत्ता से किया जाना चाहिए। केजरीवाल के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है और आर्थिक आंकड़ों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से इस बयान पर पलटवार किया गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि केजरीवाल द्वारा पेश किए जा रहे आंकड़े भ्रामक हैं और भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है। भाजपा ने दावा किया कि सरकार के कार्यकाल में देश ने कई आर्थिक मोर्चों पर प्रगति की है और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी भारत की विकास दर को सकारात्मक रूप में देख रही हैं।
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि प्रति व्यक्ति आय की तुलना करते समय कई कारकों को ध्यान में रखना जरूरी होता है, जिनमें मुद्रा विनिमय दर, जनसंख्या और आर्थिक संरचना शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे आंकड़ों की सीधी तुलना करना कई बार पूरी तस्वीर को स्पष्ट रूप से नहीं दर्शाता।
इस बीच विपक्षी दलों ने भी सरकार से इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण की मांग की है और कहा है कि यदि आंकड़ों में कोई विसंगति है तो उसे सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया जाना चाहिए। राजनीतिक बयानबाजी के बीच यह मुद्दा आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।
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