होर्मुज जलडमरूमध्य में शुक्रवार को 27 भारतीय चालक दल के सदस्यों को लेकर जा रहे तेल टैंकर एमटी लुईस 1 पर हमला हुआ। पनामा के झंडे वाले इस जहाज पर दो लिम्पेट माइंस लगाए जाने की बात सामने आई है। धमाके के कारण जहाज के इंजन रूम में आग लग गई और कुछ समय के लिए इसका संचालन प्रभावित हुआ।
हालांकि, जहाज पर मौजूद चालक दल ने तत्परता दिखाते हुए आग पर काबू पा लिया। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल के अनुसार, जहाज पर सवार सभी 27 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
एक महीने में भारतीय क्रू वाले पांच जहाजों पर हमले
अक्टूबर 2026 के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास के समुद्री क्षेत्र में भारतीय चालक दल वाले पांच जहाजों पर हमले की घटनाएं सामने आई हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
ब्रिटिश समुद्री एजेंसी UKMTO के मुताबिक, ताजा हमला ओमान के खासाब शहर से लगभग 46 किलोमीटर दूर हुआ। बताया जा रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद इस क्षेत्र में पहली बार लिम्पेट माइंस के जरिए किसी जहाज को निशाना बनाया गया है।
होर्मुज क्षेत्र में बढ़ती समुद्री घटनाएं
इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) के आंकड़ों के मुताबिक, संघर्ष शुरू होने से 27 अक्टूबर तक होर्मुज जलडमरूमध्य और उसके आसपास 120 समुद्री घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें व्यापारिक जहाजों पर हमले की घटनाएं भी शामिल हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।
ईरान को लेकर अमेरिका और इजराइल की सैन्य तैयारियां
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और इजराइल 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर सकते हैं। संभावित कार्रवाई में ईरान के तेल-गैस ठिकानों, परमाणु केंद्रों और मिसाइल एवं ड्रोन ठिकानों को निशाना बनाए जाने की आशंका जताई गई है।
रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य तैयारियां तेज कर दी हैं। संवेदनशील ठिकानों से कुछ सैनिकों को हटाने के साथ हथियारों का भंडार भी बढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा इजराइल की सुरक्षा के लिए पैट्रियट मिसाइल सिस्टम भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अभी तक हमले को लेकर अंतिम निर्णय नहीं लिया है।
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की उम्मीद बरकरार
एक ओर क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत दोबारा शुरू कराने की कोशिशें भी जारी हैं। ईरान ने गुरुवार को जानकारी दी कि उसे अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का एक पत्र मिला है, लेकिन अभी तक उसका जवाब नहीं दिया गया है।
रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने अमेरिका के सामने अपनी सात शर्तें रखी हैं। वहीं, ट्रम्प का कहना है कि जेडी वेंस ने शांति वार्ता के लिए नहीं, बल्कि मेडिकल सहायता के सिलसिले में ईरान से संपर्क किया था। उनके मुताबिक, ईरान ने बीमार लोगों के लिए दवाइयां और जरूरी सामान मांगा था, जिसकी आपूर्ति के लिए उन्होंने मंजूरी दे दी।
होर्मुज में लगातार बढ़ती समुद्री घटनाओं के बीच भारतीय नाविकों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति पर दुनिया की नजर बनी हुई है।
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