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लखनऊ हत्याकांड में प्रज्ञा मिश्रा ने उठाए गंभीर सवाल, बोलीं- मानस के पास तीन हथियार कहां से आए?

लखनऊ। लखनऊ में ICICI बैंक की रिलेशनशिप मैनेजर दिव्या मिश्रा, उनकी ननद शीबा और SBI फील्ड ऑफिसर मानस बाजपेयी की मौत के मामले में अब कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। दिव्या की बहन और यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा ने सोशल मीडिया पर पुलिस जांच को लेकर सवाल उठाते हुए 25 से अधिक बिंदुओं पर जवाब मांगा है।

प्रज्ञा ने सवाल किया कि मानस के पास दो पिस्टल और एक देसी तमंचा कहां से आए। परिवार के मुताबिक मानस स्वभाव से डरपोक था और उनके घर में पहले से कोई असलहा नहीं था। ऐसे में इतने हथियारों का उसके पास पहुंचना जांच का अहम हिस्सा होना चाहिए।

उन्होंने पूछा कि मानस को इस जघन्य वारदात के लिए किसने तैयार किया? उसका कोई कोच या संपर्क सूत्र था या नहीं? प्रज्ञा ने कहा कि हथियारों के स्रोत और मानस के संपर्क में रहे लोगों की भूमिका सामने आए बिना जांच को पूरी तरह स्पष्ट नहीं माना जा सकता।

हत्या के बाद 35 से 45 मिनट कहां था मानस?

प्रज्ञा ने बैंक और मानस के घर के बीच की दूरी को लेकर भी सवाल उठाया। उनके मुताबिक दोनों स्थानों के बीच सामान्य तौर पर 10 से 15 मिनट का रास्ता है। ऐसे में दिव्या को गोली मारने के बाद मानस करीब 35 से 45 मिनट तक कहां रहा, इसकी जांच जरूरी है।

उन्होंने पूछा कि क्या मानस रास्ते में कहीं रुका था, किसी व्यक्ति से मिला था या किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में गया था, जिसने वारदात में उसकी मदद की हो।

आखिरी वॉट्सऐप स्टेटस पर भी सवाल

प्रज्ञा ने मानस के आखिरी वॉट्सऐप स्टेटस की तकनीकी जांच की मांग की है। उनका सवाल है कि यह स्टेटस वास्तव में मानस ने ही लिखा था या किसी और ने उसके फोन से इसे अपडेट किया। उन्होंने यह भी कहा कि मानस आमतौर पर हिंग्लिश में लिखता था, जबकि आखिरी स्टेटस अंग्रेजी में था।

प्रज्ञा के मुताबिक पुलिस को यह पता लगाना चाहिए कि स्टेटस किस डिवाइस से और किस समय अपडेट किया गया था।

घर में किसी तीसरे व्यक्ति की मौजूदगी की जांच की मांग

प्रज्ञा ने यह भी सवाल उठाया कि क्या घटना के समय मानस के घर में उसके अलावा कोई तीसरा व्यक्ति मौजूद था। उन्होंने घर में आने-जाने के संभावित रास्तों और तीनों हथियारों से हुई फायरिंग की अलग-अलग जांच करने की मांग की है।

डेढ़ करोड़ की एलिमनी के दावे पर भी सवाल

प्रज्ञा ने सोशल मीडिया पर दिव्या द्वारा डेढ़ करोड़ रुपये की एलिमनी मांगने की बात को गलत बताया। उन्होंने कहा कि स्त्रीधन और एलिमनी अलग-अलग कानूनी अवधारणाएं हैं। उनके मुताबिक दिव्या के मामले में तलाक की प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में थी और स्थायी गुजारा-भत्ता तय होने की स्थिति नहीं आई थी।

प्रज्ञा का कहना है कि दिव्या ने अपने दावों के समर्थन में शादी की तस्वीरें और सामान के बिल कोर्ट में लगाए थे। उन्होंने कहा कि स्त्रीधन को लेकर सामने आ रही बातों को तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर देखा जाना चाहिए।

हथियारों को लेकर पुलिस कर रही जांच

मानस की मौत के बाद उसके पास से दो 9 एमएम पिस्टल और एक देसी तमंचा मिलने की बात सामने आई है। पुलिस हथियारों के सीरियल नंबर, कारतूस और फायरिंग से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है। मानस के संपर्क में रहे लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।

एक परिचित की ओर से सीतापुर के एक वकील द्वारा हथियार उपलब्ध कराने की बात कही गई है, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।

लॉक आईफोन से खुल सकते हैं कई राज

पुलिस ने मानस का आईफोन बरामद किया है, लेकिन फोन लॉक होने के कारण उसका डेटा अभी खंगाला नहीं जा सका है। पुलिस का कहना है कि जल्दबाजी में फोन का लॉक तोड़ने से डेटा डिलीट होने का खतरा है। इसलिए तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से डेटा सुरक्षित तरीके से निकालने की कोशिश की जा रही है।

पुलिस कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन के आधार पर वारदात वाले दिन मानस की गतिविधियों और उसके संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटा रही है।

20 अगस्त को हुई थी वारदात

20 अगस्त को मानस बाजपेयी कार से गोमतीनगर क्षेत्र स्थित ICICI बैंक पहुंचा था। उसने फोन कर पत्नी दिव्या को बैंक के बाहर बुलाया और गोली मार दी। इसके बाद वह हुसड़िया स्थित अपने घर पहुंचा, जहां उसने अपनी बहन शीबा की गोली मारकर हत्या कर दी और फिर खुद को गोली मारकर जान दे दी।

पुलिस अब घटना से पहले मानस की गतिविधियों, उसके संपर्कों, हथियारों के स्रोत और आखिरी वॉट्सऐप स्टेटस समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है। प्रज्ञा मिश्रा ने मामले की जांच किसी दूसरी एजेंसी से कराने की मांग भी उठाई है।

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