बंगाल की खाड़ी में बने मौसम सिस्टम के असर से देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय है। बुधवार को करीब 20 राज्यों में बारिश हुई, जबकि अगले चार दिनों के दौरान मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान समेत 15 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से हरिश्चंद्र घाट का शवदाह स्थल पानी में डूब गया है। अब घाट की ऊपरी सीढ़ियों पर अंतिम संस्कार किया जा रहा है। इसके चलते परिजनों को शवदाह के लिए 2 से 3 घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। उन्नाव में भी जलभराव के कारण सड़कों पर नाव चलाने की स्थिति बन गई।
उत्तराखंड में भारी बारिश के बीच देहरादून-मसूरी मार्ग पर लैंडस्लाइड से यातायात प्रभावित हुआ। सड़क पर मलबा आने के कारण करीब 10 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। राज्य के नौ जिलों में 67 सड़कें बंद बताई गई हैं। टिहरी क्षेत्र में भी भूस्खलन से आवाजाही प्रभावित हुई है।
मध्य प्रदेश में कई जिलों में लगातार बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने पूर्वी हिस्से में शुक्रवार से तीन दिन तक तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
राजस्थान में भी कई जिलों में तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ। जयपुर में जलभराव के कारण एक बस गड्ढे में पलट गई, जिसमें कई लोग घायल हुए। झुंझुनूं में सड़क पर तेज बहाव के कारण वाहन पानी में फंस गए। धौलपुर में चंबल नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है।
हिमाचल प्रदेश में बारिश और भूस्खलन के कारण 200 से ज्यादा सड़कें बंद हैं। राजगढ़ में बारिश के दौरान तीन मंजिला मकान ढहने से मां-बेटी की मौत हो गई, जबकि दो बच्चे घायल हुए।
देश के अन्य हिस्सों में भी बारिश का असर दिखाई दे रहा है। गुजरात के पालनपुर में हाईवे पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ। सहारनपुर में बरसाती नदी उफान पर आने से पुल जलमग्न हो गया। ओडिशा के बालासोर, तेलंगाना के हैदराबाद, महाराष्ट्र के मुंबई और राजस्थान के बीकानेर में भी बारिश और जलभराव की स्थिति सामने आई है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में कई राज्यों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं और आकाशीय बिजली की संभावना है। ऐसे में निचले इलाकों, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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