नई दिल्ली: अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने इस्तीफा दे दिया है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया है. भारत के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत, केंद्रीय मंत्रिपरिषद से जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है. जॉर्ज कुरियन केरल बीजेपी के नेता हैं, उन्हें राज्य चुनावों के मद्देनजर राज्यसभा में लाया गया था. 21 जून को जॉर्ज कुरियन का कार्यकाल समाप्त हो गया था.
राष्ट्रपति ने इस्तीफा किया मंजूर
बीजेपी ने पहले ही संकेत दे दिया था कि वह जॉर्ज कुरियन को फिर राज्यसभा नहीं भेज रहे हैं. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हाल में हुए राज्यसभा चुनावों में उन्हें दोबारा उम्मीदवार न बनाने का फैसला किया था. राष्ट्रपति भवन ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. कुरियन मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री का प्रभार भी संभाल रहे थे.
दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया गया था
राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सलाह पर केंद्रीय मंत्रिपरिषद से कुरियन का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है. कुरियन संभवतः केंद्र सरकार में एकमात्र ऐसे मंत्री थे जो ईसाई समुदाय से आते हैं. राज्यसभा में उनका कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो गया था. दो केंद्रीय मंत्रियों-रवनीत सिंह बिट्टू और कुरियन को 18 जून को हुए राज्यसभा चुनावों के लिए दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया गया था.
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