- शहर के इमामबाड़ों में बढ़ी मोहर्रम की चहल-पहल, बुजुर्गों के साथ हाथ बंटा रहे नवयुवक; शाम होते ही महिलाएं पढ़ रहीं मरसिया
महोबा। मोहर्रम माह शुरु होते ही इमामबाड़ों में ताजिए बनाने का काम शुरू हो गया। अब ताजिया बनाने में नवयुवक भी खासी रुचि दिखा रहे है। यही वजह है कि अपने कामकाज छोड़कर कई घंटे युवा ताजिया बनाने के लिए जुटे रहते हैं। शहर के मोहल्ला भटीपुरा में बडे ताजिये की बुनाई के लिए युवा दिन के अलावा रात में भी काम करते हैं। शहर के सभी ताजियो से हटकर अलग अंदाज में बड़ा ताजिया महीन बुनाई के साथ तैयार किया जाता है। ताजिया बनाने में युवाओं विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है।
मोहर्रम माह की तीन तारीख गुजर जाने के बाद अब ताजियेदार तेजी से ताजिए बनाने में जुट गए हैं। भटीपुरा के अलावा मकनियापुरा, दरियापुरा, कसौरा, भीतरकोट, हवेली दरवाजा, पठानपुरा, मिल्कीपुरा, काजीपुरा, नयारियनपुरा सहित तमाम मोहल्लों के इमामबाड़ों में आज कल ताजिया बनाने का काम चल रहा है। शाम होते ही लोग अपने कारोबार से निपटने के बाद इमामबाड़ो में पहुंचकर ताजिया बनाने के काम में हाथ बटाते हैं। बुर्जुग लोग भी युवाओं से ताजिया बनाने में सहयोग लेते हैं। हर इमामबाड़े के मुजावर ताजिया बनाने की जिम्मेदारी निभाते हैं। कहीं पर मुजावर स्वयं ताजिया बनाते हैं तो कहीं पर बाहर से ताजिया कारीगरों को बुलाकर अब्रक की महीन कारीगरी के साथ ताजिये को तैयार कराया जाता है। मोहर्रम माह शुरू होते ही इमामबाड़ों में चहल पहल बढ़ गई है। शाम से देर रात तक ताजिया बनाने का काम चलता रहता है। कुछ लोग ताजिया बनाते हैं तो वहीं तमाम लोग इमामबाड़ों में बैठकर मरसिया सुनते रहते हैं। इतना ही नहीं शहर के इमाम चैकों पर शाम होते ही महिलाएं चिराग जलाकर मरसिया पढ़ती है। मोहर्रम की एक तारीख से 12 तारीख तक प्रतिदिन घरों के अलावा इमाम चैकों पर फातिहा होती है। हजरत हसन हुसैन की याद में हर साल इस त्योहार में गमगीन माहौल में मनाया जाता है।
मोहर्रम की तीन तारीख निकला गिरोह जुलूस,बंटा लंगर
मोहर्रम की तीन तारीख को शहर के मोहल्ला चैसियापुरा के इमाम चैक से गिरोह जुलूस निकाला गया, गिरोह जुलूस सब्जी मंडी, ऊदल चैक, मगरिया, शेखनपुरा, बंधानवार्ड, लंघानपुरा, ढलैतनपुरा, न्यारियनपुरा से वापस चैसियापुरा में आकर समाप्त हुई। गिरोह जुलूस में बुजुर्ग, युवा सहित तमाम लोग इमाम हुसैन की यादव में मरसिये पढ़ते हुए चल रहे थे साथ ही निर्धारित मोहल्लों की इमाम चैकों पर फातिहा के बाद अकीदमंदों ने शर्बत, हलवा, बूंदी आदि लंगर लोगों में बांटा गया। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई जो मोहर्रम की पांच तारीख तक निकलने वाले गिरोह जुलूस में मुस्तैदी के साथ चलेंगे।
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