उत्तर प्रदेश सरकार मदरसा शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में 21 से अधिक महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा और मंजूरी की संभावना है। इनमें सबसे अधिक चर्चा मदरसों में संचालित बीए (BA) और एमए (MA) स्तर के पाठ्यक्रमों को लेकर है।
सूत्रों के अनुसार, सरकार मदरसों में पारंपरिक धार्मिक शिक्षा के साथ चल रहे स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के पाठ्यक्रमों को बंद करने का प्रस्ताव ला सकती है। इसके साथ ही पूर्व में जारी की गई कुछ डिग्रियों की वैधता को लेकर भी नीति स्पष्ट किए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही प्रभावी होगा।
सरकार का कहना है कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था को एक समान और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है। प्रस्तावित बदलावों के बाद उच्च शिक्षा से संबंधित पाठ्यक्रम केवल विश्वविद्यालयों और मान्यता प्राप्त उच्च शिक्षण संस्थानों के माध्यम से संचालित किए जाने की व्यवस्था लागू की जा सकती है।
कैबिनेट बैठक में शिक्षा के अलावा बुनियादी ढांचा, कृषि, निवेश, औद्योगिक विकास और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई अन्य प्रस्तावों पर भी फैसला होने की उम्मीद है। सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा के बाद ही सभी प्रस्तावों का विस्तृत स्वरूप सामने आएगा।
मदरसा शिक्षा में प्रस्तावित बदलाव को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। विभिन्न संगठनों और शिक्षा विशेषज्ञों की नजर अब कैबिनेट के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है।
News Wani
