धाता/फतेहपुर। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बीच क्षेत्र में सर्दी-जुकाम, सिरदर्द, बदन दर्द और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। स्वास्थ्य विभाग ने बीमारियों की रोकथाम और ग्रामीणों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए गांव-गांव विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाकर जांच शुरू कर दी है।
मंगलवार को अहमदपुर कुशुम्भा, नगसुवा, जाम, बेलाई समेत विभिन्न गांवों में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों में करीब 180 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें 63 मरीज बुखार से पीड़ित मिले। शिविर में पहुंचे अधिकांश मरीजों ने सर्दी-जुकाम, सिरदर्द, बदन दर्द और बुखार की शिकायत बताई।
चिकित्सकों ने मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया और दवाएं वितरित कीं। बुखार से पीड़ित मरीजों की स्थिति को देखते हुए जरूरी जांच और उपचार की व्यवस्था भी की गई।
मौसमी बीमारियों के साथ डेंगू और मलेरिया की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बुखार से पीड़ित मरीजों की जांच कराई। शिविर में 49 मरीजों का मलेरिया टेस्ट और छह मरीजों की डेंगू जांच की गई। राहत की बात रही कि सभी मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आई।
स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों को साफ-सफाई रखने, घरों के आसपास पानी जमा न होने देने और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी। चिकित्सकों ने ग्रामीणों को आगाह किया कि बुखार आने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा न लें। तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, लगातार कमजोरी या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर जांच और उपचार कराने की सलाह दी गई।
शिविरों का आयोजन सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार के नेतृत्व में किया गया। इसमें डॉ. दिनेश सिंह, डॉ. राजेश सिंह, जितेंद्र सिंह, एलटी जितेंद्र सिंह, सूर्य प्रकाश सिंह, अरुण कुमार, सोमेश, दीपक सिंह समेत महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने मरीजों की जांच की। टीम ने ग्रामीणों को वायरल फीवर और मौसमजनित बीमारियों से बचाव के प्रति भी जागरूक किया।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि मौसम परिवर्तन के कारण सर्दी-जुकाम और वायरल बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर मरीजों की जांच, उपचार और दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। डेंगू और मलेरिया की जांच में अभी तक सभी रिपोर्ट निगेटिव आई हैं। उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को नजरअंदाज न करने और समय रहते सरकारी अस्पताल में जांच कराने की अपील की।
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