लखनऊ में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय धर्म संसद को लेकर सियासी हलचल बढ़ गई है। आयोजन से पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के नाम एक पोस्टर सामने आया है, जिसमें उन्हें धर्म संसद में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है। पोस्टर में मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण के भव्य मंदिर निर्माण के मुद्दे पर उनका समर्थन मांगा गया है।
पोस्टर में अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए कहा गया है कि लखनऊ में भगवान श्रीकृष्ण के मंदिर निर्माण को लेकर अंतरराष्ट्रीय धर्म संसद आयोजित की जा रही है। पोस्टर में उनसे कार्यक्रम में पहुंचकर मंदिर निर्माण के पक्ष में अपनी बात रखने की अपील की गई है।
पोस्टर में राजनीतिक तंज भी
अखिलेश यादव के नाम लगाए गए इस पोस्टर में धार्मिक अपील के साथ राजनीतिक टिप्पणी भी की गई है। इसमें कहा गया है कि जिस तरह वे ईद के अवसर पर ईदगाह जाते हैं, उसी तरह धर्म संसद में भी शामिल हों।
पोस्टर में विदेशी आक्रांताओं से जुड़ी ऐतिहासिक निशानियों को हटाने और मथुरा में मंदिर निर्माण के मुद्दे का समर्थन करने की अपील की गई है। पोस्टर पर ‘अयोध्या-काशी तो बस झांकी है, अब केवल मथुरा ही बाकी है’ का नारा भी प्रमुखता से लिखा गया है।
4 अक्टूबर को लखनऊ में आयोजन
आयोजकों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय धर्म संसद का आयोजन 4 अक्टूबर 2026 को सुबह 9 बजे लखनऊ के गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में किया जाएगा। आयोजकों का दावा है कि कार्यक्रम में 21 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण के भव्य मंदिर निर्माण के मुद्दे पर चर्चा किए जाने की बात कही गई है। इसके साथ ही हिंदू धर्म और उससे जुड़े विभिन्न विषयों पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है।
अखिलेश यादव की मौजूदगी को लेकर चर्चा
अखिलेश यादव को संबोधित पोस्टर सामने आने के बाद उनकी संभावित मौजूदगी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार पोस्टर में उन्हें केवल आमंत्रित किए जाने की बात सामने आई है। उनके कार्यक्रम में शामिल होने की पुष्टि आयोजकों की ओर से अलग से नहीं की गई है।
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